काठमांडू : नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने देश में भारी तबाही मचाने वाली बाढ़ को बृहस्पतिवार को ‘‘हिमालयी सुनामी’’ करार दिया तथा इस मुश्किल घड़ी में समर्थन एवं एकजुटता के लिए पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आभार जताया। खनाल की यह टिप्पणी एक निजी टेलीविजन चैनल को दिए गए साक्षात्कार के कुछ दिनों बाद सामने आईं। इस साक्षात्कार में उन्होंने चीन, अमेरिका और भारत को दुनिया में ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करने वाले तीन सबसे बड़े देश बताया तथा कहा कि जोखिम का सामना कर रहे नेपाल जैसे देशों की भरपाई करने की उनकी ‘‘ऐतिहासिक जिम्मेदारी’’ है। खनाल ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार औद्योगिक देशों को नेपाल जैसे देश की भरपाई करनी चाहिए, जिसका कार्बन उत्सर्जन में योगदान न के बराबर है। मैं इस आपदा को 'हिमालयी सुनामी' कहना चाहता हूं क्योंकि हाल के समय में हमने इतनी बड़ी आपदा नहीं देखी है। खनाल ने राजनयिकों को सरकार द्वारा चलाए जा रहे तलाश और बचाव कार्यों के साथ-साथ आपदा के बाद विदेशी नागरिकों की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। बाढ़ प्रभावित इलाकों से और शव मिलने के बाद बृहस्पतिवार को मृतक संख्या बढ़कर 1,250 से अधिक हो गई, जबकि 4,800 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।