काठमांडू/बीजिंग : नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के 13वें दिन सोमवार को बचाव दलों ने 100 से अधिक जलविद्युत कर्मचारियों की तलाश तेज कर दी, जिनके सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। हाल के दिनों में मलबे से चार लोगों को जिंदा बचाए जाने के बाद सुरंगों में फंसे लोगों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद फिर बढ़ी है।
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में स्थित जलविद्युत परियोजनाओं से करीब 900 लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाली सेना के बचावकर्मियों के अनुसार इनमें से करीब 121 लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। हालांकि, कुछ लोग बिजली परियोजनाओं के अन्य हिस्सों में काम कर रहे हो सकते हैं और जरूरी नहीं कि वे सुरंगों के भीतर ही हों।
बचाव दल सोमवार को विशेष रूप से चीन की सीमा से लगे बुरी तरह प्रभावित रसुवा जिले की चिलिमे जलविद्युत परियोजना में लापता लोगों की तलाश में जुटे रहे। बचाव अभियान से जुड़े सांसद श्रीराम न्यौपाने के अनुसार, परियोजना में लापता छह लोगों में से चार के अब भी जीवित होने की संभावना है।
न्यौपाने ने बताया कि चिलिमे अभियान के लिए आवश्यक विशेष उपकरण जुटा लिए गए हैं और बचाव के लिए जरूरी तकनीकों की पहचान कर ली गई है।
बचावकर्मियों का मानना है कि सुरंगों के भीतर कुछ लोग अब भी जीवित हो सकते हैं। इसकी वजह यह है कि सुरंगों में कई जगह हवा के खाली हिस्से (एयर पॉकेट), कमरे और अन्य सुरक्षित स्थान मौजूद हैं, जहां लोग कुछ समय तक रह सकते हैं।
नेपाल में सोमवार को आपदा के 13वें दिन मृतकों के लिए राष्ट्रीय शोक मनाया गया। ऐसे में सुरंगों से लोगों को जिंदा निकालने की कोशिशें इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक नई किरण बन गई हैं।