नागपुरः महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को कहा कि नागपुर स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में हुए विस्फोट के मामले में प्रथम दृष्टया कंपनी की ओर से ‘‘लापरवाही’’ सामने आई है और विस्फोटक सामग्री निर्माता ने सुरक्षा उपायों का समुचित पालन नहीं किया। इस घटना के सिलसिले में कंपनी के नौ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कंपनी के 21 निदेशकों और शेयरधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है।
बावनकुले ने यहां पत्रकारों से कहा कि पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो), औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशालय (डिश) और श्रम आयुक्त कार्यालय भी क्षेत्र में विस्फोटक निर्माण इकाइयों में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने में विफल रहे, और उनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
रविवार को जिले की कटोल तहसील के राउलगांव में खनन और औद्योगिक विस्फोटक बनाने वाली कंपनी एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के कारखाने में हुए विस्फोट में 19 लोगों की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए। जिला प्रभारी मंत्री ने बताया कि घायलों में से 13 की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि कंपनी मृतकों के परिजनों को 75-75 लाख रुपये और घायलों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देगी। मंत्री ने कहा कि इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और राज्य सरकार पांच-पांच लाख रुपये देगी। बावनकुले ने बताया कि पीड़ित परिवारों को कुल 82-82 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।
मंत्री ने बताया कि यह विस्फोट एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के ‘डेटोनेटर असेंबली’ संयंत्र में हुआ। उन्होंने कहा कि कलमेश्वर पुलिस ने एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के 21 निदेशकों और शेयरधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने इस घटना के संबंध में विस्फोटक बनाने वाली कंपनी के नौ निदेशकों को गिरफ्तार किया है।