देश/विदेश

नागालैंड में स्कूलों के आसपास सफाई अभियान

Krishna Das Parth

दीमापुर : नागालैंड के कई जिलों में स्कूलों और स्थानीय समुदायों ने मिलकर शिक्षण संस्थानों के आसपास के क्षेत्रों की सफाई का अभियान शुरू किया है। ‘आवर स्कूल, आवर रिस्पॉन्सिबिलिटी’ नामक इस पहल का उद्देश्य स्कूलों के आसपास स्वच्छ वातावरण तैयार करने के साथ विद्यार्थियों, स्कूलों और स्थानीय समुदायों में नागरिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। यह अभियान शिखालोकम के मंत्रा4चेंज ने यूथनेट के सहयोग से शुरू किया है। आयोजकों के अनुसार, अभियान 15 सितंबर से शुरू हुआ और इसका समापन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती एवं स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर किया जाएगा। अभियान के तहत समुदायों से अपने स्थानीय स्कूलों के आसपास के पहले 100 मीटर क्षेत्र की जिम्मेदारी लेने की अपील की गई है। यह वही क्षेत्र है, जहां बच्चे रोजाना स्कूल आने-जाने के दौरान पैदल चलते, इंतजार करते या गुजरते हैं।

पांच जिलों में समुदायों की भागीदारी

अभियान में कोहिमा, किफिरे, त्सेमिन्यु, तुएनसांग और मोन जिलों के विभिन्न स्कूलों और स्थानीय समुदायों ने हिस्सा लिया। अभियान के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसर के आसपास सफाई कर सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। गतिविधियों की शुरुआत 15 सितंबर को तुएनसांग स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल चिंगमेलेन से हुई। इसके बाद किफिरे के गवर्नमेंट हाई स्कूल यांगफी और गवर्नमेंट मिडिल स्कूल पीएचई वार्ड में भी सफाई अभियान चलाया गया। त्सेमिन्यु में गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल और गवर्नमेंट हाई स्कूल त्सेमिन्यु न्यू टाउन के आसपास भी समुदायों ने सफाई अभियान में भाग लिया।

25 और 26 सितंबर को भी चला अभियान

25 सितंबर को गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल त्सेमिन्यु और तिजिट गांव स्थित कानो मेमोरियल स्कूल में अभियान के तहत सफाई गतिविधियां आयोजित की गईं। इसके बाद 26 सितंबर को गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल लोंगफाओ गांव और गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल केनुओजु में भी स्कूलों के आसपास सफाई की गई।

स्वच्छता के साथ नागरिक जिम्मेदारी का संदेश

आयोजकों का कहना है कि पहल का उद्देश्य केवल स्कूलों के आसपास सफाई करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। अभियान विद्यार्थियों और समुदायों को यह संदेश देता है कि स्वच्छता केवल किसी एक संस्था या सरकारी विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर सभी की साझा जिम्मेदारी है। अभियान के माध्यम से स्कूलों के आसपास के क्षेत्रों को बच्चों के लिए अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ बनाने के साथ समुदायों में सार्वजनिक स्थानों के प्रति स्वामित्व की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में आने वाले दिनों में अन्य स्कूलों और समुदायों के भी जुड़ने की उम्मीद है।

SCROLL FOR NEXT