दीमापुर : नागालैंड में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए नॉर्थ-ईस्ट का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया गया है। रेडिंगटन फाउंडेशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल (LSC) के सहयोग से स्थापित सेंटर ऑफ लॉजिस्टिक्स ट्रेनिंग फॉर एक्सीलेंस (COLTE) का उद्घाटन 11 सितंबर को उपमुख्यमंत्री टी.आर. जेलियांग ने दीमापुर के कुशियाबिल, सेक्टर-3 में किया। इस अवसर पर विधायक एवं श्रम, रोजगार, कौशल विकास और आबकारी विभाग के सलाहकार मोआतोशी लोंगकुमर समेत रेडिंगटन फाउंडेशन और LSC के अधिकारी मौजूद रहे। यह केंद्र मार्च 2026 में रोजगार, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग, रेडिंगटन फाउंडेशन और LSC के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते का परिणाम है।
लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित हो रहा दीमापुर
उपमुख्यमंत्री जेलियांग ने कहा कि चेन्नई और हैदराबाद में ऐसे केंद्रों की शुरुआत के बाद नागालैंड अब राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स प्रशिक्षण नेटवर्क से जुड़ गया है। उन्होंने इसे नॉर्थ-ईस्ट में अपनी तरह का पहला केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत दीमापुर मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नागा किंग मिर्च, कीवी, कॉफी बीन्स और बांस जैसे स्थानीय उत्पाद बड़ी मात्रा में दीमापुर से होकर आगे जाते हैं, लेकिन पर्याप्त प्रशिक्षण के अभाव में स्थानीय युवा इस पूरी सप्लाई चेन में अपेक्षित भूमिका नहीं निभा पाते। जेलियांग ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में COLTE मॉडल को लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से महत्वपूर्ण अन्य जिलों में भी लागू करने की दिशा में काम करेगी।
71 हजार पंजीकृत बेरोजगार युवाओं का हवाला
उपमुख्यमंत्री ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नागालैंड में करीब 71,000 युवा बेरोजगार के रूप में पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 92 प्रतिशत के पास तकनीकी या व्यावसायिक प्रशिक्षण नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को उद्योग की जरूरत के अनुरूप कौशल उपलब्ध कराने में COLTE महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आबादी के अनुपात में नागालैंड में सरकारी कर्मचारियों की संख्या देश के राज्यों में सबसे अधिक है।
हर साल 360 युवाओं को प्रशिक्षण
COLTE का लक्ष्य हर साल 360 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण देना है और कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित युवाओं के लिए 100 प्रतिशत रोजगार की गारंटी का दावा किया गया है। सलाहकार मोआतोशी लोंगकुमर ने बताया कि साझेदारी के तहत राज्य सरकार बुनियादी ढांचा और प्रशासनिक सहयोग देगी, जबकि रेडिंगटन फाउंडेशन CSR फंडिंग उपलब्ध कराएगा। LSC पाठ्यक्रम तैयार करने के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेगा। कार्यक्रम कम से कम तीन वर्षों तक चलाया जाएगा और जरूरत के अनुसार इसकी अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है। प्रशिक्षण में उद्योग का व्यावहारिक अनुभव, कौशल विकास, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण और उद्योग एवं बाजार की जरूरतों के अनुरूप विशेष कार्यक्रम शामिल होंगे।
डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन पर जोर
रेडिंगटन लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक बी. रामारत्नम ने कहा कि COLTE की शुरुआत के साथ कंपनी ने नॉर्थ-ईस्ट में औपचारिक रूप से प्रवेश किया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक लॉजिस्टिक्स अब केवल सामान की मैनुअल आवाजाही तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तेजी से ऑटोमेशन और डेटा आधारित क्षेत्र बन रहा है। COLTE में डेटा एनालिटिक्स, प्रोसेस ऑटोमेशन, वेयरहाउसिंग टेक्नोलॉजी और एंड-टू-एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित पेशेवर तैयार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने एक सरकारी परिसर में करीब 4,000 वर्ग फुट जगह बिना किराए के उपलब्ध कराई है। यहां कक्षाओं के साथ हॉस्टल की सुविधा भी है, जिससे दूर-दराज के इलाकों से आने वाले उम्मीदवारों को रहने और आवागमन की समस्या से राहत मिलेगी।
ग्राउंड वर्कर से लॉजिस्टिक्स उद्यमी तक प्रशिक्षण
LSC बोर्ड के सदस्य के.वी. महिधर ने कहा कि पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें ग्राउंड-लेवल वर्कर्स के साथ-साथ सुपरवाइजर, प्लानर, टेक्नोलॉजी यूजर, मैनेजर और लॉजिस्टिक्स उद्यमियों को भी प्रशिक्षण दिया जा सके। उन्होंने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट में बन रही सड़कें सामान पहुंचाएंगी, रेलवे कार्गो ले जाएगा और लॉजिस्टिक्स पार्क कारोबार को गति देंगे, लेकिन COLTE इस क्षेत्र के लोगों को आगे बढ़ाने का काम करेगा। महिधर ने कहा कि नागालैंड को केवल माल के ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में नहीं, बल्कि भारत और वैश्विक बाजार के लिए प्रशिक्षित लॉजिस्टिक्स प्रतिभाओं के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट के लिए भी समझौता
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं के अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट के लिए LSC और जिपवर्ल्ड इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी किया गया। LSC एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसे कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के तहत स्थापित किया गया है। COLTE की शुरुआत से नागालैंड के युवाओं को तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन क्षेत्र में स्थानीय के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।