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NH-29 की सुरक्षा और रखरखाव पर NHIDCL से जवाब मांगेगी नागालैंड सरकार

शर्तें नहीं मानने वाले ठेकेदारों का अनुबंध किया जा सकता है खत्म

Krishna Das Parth

कोहिमा : नागालैंड सरकार ने दीमापुर-कोहिमा राष्ट्रीय राजमार्ग-29 (NH-29) पर लगातार हो रहे भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़क ढांचे को हो रहे नुकसान को गंभीरता से लिया है। राज्य सरकार इन मुद्दों को नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के समक्ष उठाएगी। उपमुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने कहा कि अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर उनका अनुबंध समाप्त कर नए ठेकेदार नियुक्त किए जा सकते हैं। चुमौकेदिमा में PAC की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में जेलियांग ने कहा कि राज्य सरकार ने 2023 से 2025 के बीच NHIDCL और नेशनल हाईवे पीडब्ल्यूडी के साथ हर तीन महीने में समन्वय बैठकें की हैं। इन बैठकों में सड़क की तत्काल मरम्मत के साथ-साथ दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों पर लगातार चर्चा की गई।

अगले सप्ताह NHIDCL के साथ बैठक

जेलियांग ने बताया कि दीमापुर-कोहिमा हाईवे पर बार-बार चट्टानें गिरने, भूस्खलन और सड़क के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के मद्देनजर अगले सप्ताह NHIDCL के साथ एक और बैठक होगी।

उन्होंने खास तौर पर पटकाई जंक्शन के पास नदी के कटाव का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, नदी का बहाव घाटी की ओर बनी सुरक्षा दीवार को नुकसान पहुंचा रहा है। NHIDCL ने नदी का रुख मोड़ने के लिए दो स्थानों पर पहाड़ी काटने की पहचान की थी, लेकिन काम अभी तक आधा भी पूरा नहीं हुआ है। नदी का प्राकृतिक रास्ता नहीं बदलने के कारण पानी लगातार सुरक्षा दीवार से टकरा रहा है, जिससे चार लेन का हिस्सा दो लेन तक सीमित हो गया है।

सूखे मौसम में काम करने की सलाह

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने NHIDCL को बार-बार सलाह दी है कि सुरक्षा संबंधी काम बारिश के मौसम के बजाय सूखे मौसम में पूरे किए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर काम शुरू नहीं होने के कारण मॉनसून के दौरान समस्याएं बढ़ जाती हैं। राज्य सरकार अब NHIDCL से अक्टूबर-नवंबर में काम का मौसम शुरू होने तक एक व्यापक दीर्घकालिक सुरक्षा योजना तैयार कर उसे लागू करने पर जोर देगी।

अधूरे काम पर सरकार ने जताई आपत्ति

NH-29 के पैकेज-2 और पैकेज-3 का जिक्र करते हुए जेलियांग ने कहा कि सरकार ने पैकेज-2 की कंप्लीशन रिपोर्ट जमा किए जाने पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि रिटेनिंग वॉल, रोड डिवाइडर और अन्य काम अधूरे थे। उन्होंने कहा कि पैकेज-1 को भी पूरी तरह पूर्ण नहीं माना जा सकता। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कंप्लीशन रिपोर्ट जमा होने से ठेकेदार पांच साल की डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाते। घासपानी से मेडजिफेमा होते हुए पिफेमा तक सड़क की स्थिति लगातार खराब होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि बार-बार याद दिलाने के बावजूद ठेकेदार कथित तौर पर रखरखाव नहीं कर रहे हैं। जेलियांग ने कहा कि अगर ठेकेदार डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के दौरान अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करते हैं तो उन्हें नोटिस जारी कर अनुबंध समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि 15 से 20 दिनों के भीतर अनुपालन नहीं होता है तो अनुबंध समाप्त कर रखरखाव के लिए नए ठेकेदार नियुक्त किए जा सकते हैं।

NHIDCL को हटाने की मांग पर टिप्पणी से इनकार

दीमापुर-कोहिमा हाईवे से NHIDCL को हटाने की नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन (NSF) की मांग पर जेलियांग ने कहा कि यह फिलहाल अनौपचारिक मांग है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं की है। उनके अनुसार, PWD (नेशनल हाईवे) और NHIDCL दोनों को अपने अनुबंध की शर्तों का पालन करना होगा।

चुटोखू रेंज में पत्थर गिरने की समस्या

चाथे ब्रिज और न्यू चुमौकेदिमा के बीच, खासकर चुटोखू रेंज, में बार-बार पत्थर गिरने की समस्या पर भी चर्चा हुई। जेलियांग ने कहा कि यदि NHIDCL को अतिरिक्त जमीन या राइट ऑफ वे (ROW) की जरूरत है तो उसे संबंधित उपायुक्त के समक्ष औपचारिक प्रस्ताव देना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए तैयार है। पहाड़ी ढलानों की कटिंग के दौरान उन्होंने बेंचिंग सिस्टम अपनाने की सलाह भी दी है। इसमें ढलानों को चरणबद्ध तरीके से काटा जाता है, ताकि गिरने वाले पत्थरों को सीधे हाईवे तक पहुंचने से रोका जा सके।

NH-2 पर भी कई हिस्से क्षतिग्रस्त

जेलियांग ने तुली-ओंगपांगकोंग NH-2 के विभिन्न हिस्सों की स्थिति का भी उल्लेख किया। लांगपांगकोंग, चुंगकोंग, उंगमा और चुचुयिमलांग समेत मोकोकचुंग और तुएनसांग के कई इलाकों में भूस्खलन, मिट्टी और चट्टानों के गिरने से सड़क को नुकसान पहुंचा है। तुएनसांग के पास सड़क का एक हिस्सा बह जाने की भी जानकारी सामने आई है। उन्होंने चीफ इंजीनियर को प्रभावित स्थानों का निरीक्षण कर नुकसान का सत्यापन करने और दीर्घकालिक सुधार के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।

सितंबर-अक्टूबर में अस्थायी सुरक्षा उपाय

तत्काल राहत के लिए नागालैंड स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NSDMA), संबंधित विभागों और उपायुक्त कार्यालयों की संयुक्त टीमें सितंबर-अक्टूबर के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी सुरक्षा उपायों के लिए समन्वय करेंगी। जेलियांग ने बताया कि तकनीकी टीमें प्रभावित स्थानों का निरीक्षण कर चुकी हैं। इनके आधार पर दीर्घकालिक समाधान के लिए हाईवे प्राधिकरण के समक्ष प्रस्ताव भेजे जाएंगे।

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