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मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह हत्याकांड: 8-9 दिन में आरोपपत्र दाखिल होगा- रीजीजू

नयी दिल्ली-मणिपुर : केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को कहा कि दक्षिण दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने उन्हें आठ से नौ दिन के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच पर वह खुद नजर रख रहे हैं और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। रीजीजू ने बताया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में बात की है। इनमें पूर्वोत्तर के लोगों से जुड़े मामलों की निगरानी करने वाले अधिकारी भी शामिल हैं। मंत्री के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जांच अधिकारी आरोपियों के खिलाफ मजबूत मामला तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

शोर-शराबे और शराब पीने से रोकने पर हमला

54 वर्षीय विक्रम सिंह मूल रूप से मणिपुर के रहने वाले थे और पिछले कई वर्षों से दक्षिण दिल्ली के किलोकरी गांव में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह उन्होंने अपने अपार्टमेंट के बाहर कुछ लोगों के शोर-शराबा करने और शराब पीने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, कुछ लोगों के समूह ने सिंह पर कई बार घूंसे और मुक्के मारे। गंभीर रूप से घायल सिंह को उनके बेटे याइफाबा ने तत्काल होली फैमिली अस्पताल पहुंचाया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।

सात गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। रीजीजू ने बताया कि सभी आठ आरोपी अलग-अलग राज्यों से हैं। इनमें झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान भरत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) के रूप में हुई है। इनके अलावा एक नाबालिग भी मामले में पकड़ा गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अलग-अलग ढाबों और खाने-पीने की दुकानों पर काम करते हैं।

‘कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए’

रीजीजू ने सिंह की मौत को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस ने घटना के बाद तेजी से कार्रवाई की और आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस के अधिकारी मृतक के परिवार के संपर्क में हैं। सिंह के शव को बुधवार को विमान से इंफाल ले जाने की व्यवस्था की गई है।

‘यह राजनीति करने का समय नहीं’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताए जाने के बारे में पूछे जाने पर रीजीजू ने कहा कि इस घटना का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति की मौत होती है तो प्राथमिकता तत्काल कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए। रीजीजू ने कहा कि सिंह मणिपुर के रहने वाले थे, इसलिए पूर्वोत्तर के लोग स्वाभाविक रूप से इस घटना से चिंतित हैं, लेकिन वह सबसे पहले एक भारतीय थे और हर भारतीय की जिंदगी महत्वपूर्ण है। मंत्री ने बताया कि दिल्ली पुलिस की एक विशेष इकाई, जो पूर्वोत्तर के लोगों से जुड़े मामलों को देखती है, इस मामले में समन्वय कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में तत्काल पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए तंत्र मौजूद है।

पुलिस ने क्या बताया

पुलिस के मुताबिक, सनलाइट कॉलोनी थाने को सिंह पर हमले की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि मेइती समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सिंह ने अपने घर के बाहर शोर मचा रहे लोगों को रोकने की कोशिश की थी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और उन पर हमला किया गया। अब पुलिस की जांच का अगला महत्वपूर्ण चरण आरोपपत्र दाखिल करना है। रीजीजू के अनुसार, आठ से नौ दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल किए जाने की उम्मीद है।

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