सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपों के सांसद बिष्णु पद रे ने दक्षिण अंडमान के प्रोथ्रापूर स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना आवास परियोजना के 213 ईडब्ल्यूएस लाभार्थियों की समस्याओं को उठाते हुए केनरा बैंक, कोलकाता-III के क्षेत्रीय प्रबंधक से आग्रह किया है कि आवासीय इकाइयों के पूर्ण निर्माण और औपचारिक रूप से लाभार्थियों को सौंपे जाने तक ईएमआई की वसूली तत्काल प्रभाव से स्थगित की जाए। सांसद ने कहा कि श्री विजयापुरम नगर परिषद, एनबीसीसी और पीएमएवाई लाभार्थियों के बीच हुई बैठकों में यह सहमति बनी थी कि परियोजना पूर्ण होने तथा फ्लैटों का कब्जा सौंपे जाने के बाद ही ईएमआई की वसूली शुरू की जाएगी। यह भी समझा गया था कि परियोजना के निर्माण में देरी के कारण यदि कोई अतिरिक्त ब्याज देनदारी उत्पन्न होती है तो उसका वहन या उचित सब्सिडी संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा प्रदान की जाएगी। हालांकि परियोजना अभी तक पूरी नहीं हुई है और लाभार्थियों को आवासों का कब्जा भी नहीं सौंपा गया है, इसके बावजूद यह जानकारी मिली है कि लाभार्थियों के बैंक खातों से ईएमआई की कटौती पहले ही शुरू कर दी गई है। सांसद ने बताया कि श्री विजयापुरम नगर परिषद ने भी 13.04.2026 तथा 23.04.2026 को बैंक को पत्र लिखकर परियोजना में हुई देरी को देखते हुए ईएमआई वसूली स्थगित करने का अनुरोध किया था। वर्तमान में परियोजना के 30 दिसंबर, 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है। बिष्णु पद रे ने कहा कि समय से पहले ईएमआई की कटौती ने लाभार्थियों पर असहनीय आर्थिक बोझ डाल दिया है। इनमें से कई लाभार्थी अभी भी किराए के मकानों में रह रहे हैं और उन्हें एक साथ किराया तथा ऋण की ईएमआई दोनों का भुगतान करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यान्वयन और निष्पादन एजेंसियों की देरी का खामियाजा लाभार्थियों को नहीं भुगतना चाहिए। इसीलिए सांसद ने बैंक से अनुरोध किया है कि लाभार्थियों को उनके पूर्ण निर्मित मकानों का कब्जा मिलने तक ईएमआई कटौती तत्काल प्रभाव से रोक दी जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि परियोजना में देरी के कारण उत्पन्न किसी भी वित्तीय दायित्व का समाधान संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियां, अर्थात श्री विजयापुरम नगर परिषद और एनबीसीसी करें, न कि निर्दोष लाभार्थी। इस संबंध में भेजे गए ज्ञापन की प्रतियां केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री को भी प्रेषित की गई हैं, जिनसे तत्काल हस्तक्षेप करने तथा पीएमएवाई (शहरी) परियोजना के निष्पादन में हुई अत्यधिक देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने हेतु विस्तृत जांच कराने का अनुरोध किया गया है। मुख्य सचिव, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन, श्री विजयापुरम नगर परिषद की अध्यक्ष तथा पीएमएवाई लाभार्थियों को भी इस संबंध में सूचित किया गया है।