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गाजा पर मोदी की ‘चुप्पी’ से भारत की प्रतिष्ठा धूमिल : जयराम रमेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कसा तंज

Kamlesh Pandey

नयी दिल्ली : कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गाजा में ‘नरसंहार’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘चुप्पी’ से भारत की नैतिक एवं राजनीतिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने चिंता जताई कि गाजा में अभी तक युद्धविराम नहीं हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान के संघर्ष विराम पर सहमत होने की घोषणा की। इजरायल और ईरान के बीच पिछले 12 दिन से युद्ध जारी है। अमेरिका ने भी ईरान के तीन सबसे महत्वपूर्ण परमाणु केंद्रों पर सैन्य हमले किए थे। रमेश ने एक्स पर लिखा,‘राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के संबंध में युद्धविराम की घोषणा की है। लेकिन गाजा में अभी भी युद्धविराम नहीं हुआ है, जहां इजरायली नरसंहार बदस्तूर जारी है।’ उन्होंने कहा, ‘18 महीने से अधिक समय तक फिलस्तीनियों पर हावी रही इस आपदा पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी सर्वविदित है और इसने भारत की नैतिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है।’

बचत खातों पर ब्याज दर 25 साल के न्यूनतम स्तर पर

कांग्रेस ने बैंकों में बचत खाते पर ब्याज दर कम होने संबंधी एक खबर का हवाला देते हुए सरकार पर ‘अर्थव्यवस्था का बंटाधार करने’ का आरोप लगाया और कहा कि यह जनता के साथ अन्याय है। रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने देश की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का बंटाधार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। नोटबंदी से शुरू होकर देश के लोगों पर हर साल नए प्रयोग हो रहे हैं, उन्हें नित नए तरीकों से प्रताड़ित किया जा रहा है। बचत खातों से मिलने वाली ब्याज दरें 25 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गयी हैं, जिससे बुजुर्गों और आम नागरिकों की जेब पर सीधा वार हो रहा है।’ उन्होंने दावा किया कि बैंकों ने अपने दरवाज़ों को पहले ही आम लोगों के लिए बंद कर रखा है, इसके बाद तो वे केवल बेहद अमीर पूंजीपति मित्रों के लिए ही उपलब्ध रहेंगे। जयराम ने आरोप लगाया, ‘प्रधानमंत्री जी, देश की जनता की ख़ुशहाली आपकी पहली जिम्मेदारी है लेकिन आप केवल अपने मित्र पूंजीपतियों की संपत्ति को बढ़ाने के लिए देश की जनता के धन को शेयर बाजार के माध्यम से उनकी कंपनियों की ओर ही मोड़ने में व्यस्त हैं।’ रमेश ने कहा कि यह देश की जनता के प्रति बहुत बड़ा अन्याय और धोखा है।


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