यरुशलमः भारत और इजराइल ने बृहस्पतिवार को “समय की कसौटी पर खरे” साबित हुए संबंधों को एक विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक आगे बढ़ाया और “पारस्परिक रूप से लाभकारी” मुक्त व्यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की। इजराइल का दौरा कर रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गाजा शांति पहल का जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि मानवता को कभी संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी और उनके इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई वार्ता के बाद, दोनों पक्षों ने व्यापार, कृषि, ऊर्जा, साइबरस्पेस और डिजिटल भुगतान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
भारत और इजराइल ने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के ढांचे के तहत सैन्य उपकरणों के संयुक्त विकास और संयुक्त उत्पादन की दिशा में काम करके अपनी पहले से ही घनिष्ठ रक्षा साझेदारी का विस्तार करने का भी संकल्प लिया। अपने मीडिया बयान में मोदी ने कहा कि भारत का सुरक्षा हित पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता से जुड़ा है, और उन्होंने कहा कि नयी दिल्ली गाजा शांति पहल का पूरी तरह से समर्थन करती है।
उन्होंने कहा, “भारत का रुख स्पष्ट है: मानवता को कभी भी संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए। गाजा शांति योजना के माध्यम से शांति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। भारत ने इन प्रयासों का पूर्ण समर्थन किया है।” उन्होंने कहा, “भविष्य में भी हम सभी देशों के साथ संवाद और सहयोग जारी रखेंगे।” प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर इजराइल पहुंचे। नौ वर्षों में यह उनका इजराइल का दूसरा दौरा है।
आतंकवाद के खिलाफ दोनों देश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इजराइल का यह एक साझा मत है कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है और दोनों पक्ष आतंकवाद तथा उसके समर्थकों का मुकाबला करने में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने कहा, “हमारा रिश्ता गहरे विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनशीलता की मजबूत नींव पर टिका है। हमारा बंधन समय की हर कसौटी पर खरा उतरा है।” उन्होंने कहा, “आज हमने अपनी समय की कसौटी पर खरी साझेदारी को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।”
इजराइल से यूपीआई से जुड़ा समझौता
प्रधानमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्रों में सहयोग को नई गति प्रदान करने के लिए भारत-इजराइल महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों की साझेदारी की स्थापना की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि इजराइल में यूपीआई के उपयोग के लिए एक समझौता हो गया है।” प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खतरे का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और इजराइल इस खतरे का एकजुट होकर सामना करना जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा, “भारत और इजराइल इस बात को लेकर पूरी तरह स्पष्ट हैं कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। किसी भी रूप में, किसी भी अभिव्यक्ति में, आतंकवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा, “हम आतंकवाद और उसके समर्थकों का विरोध करने में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं, और हम ऐसा करना जारी रखेंगे।”
भारत और इजराइल के बीच भारत-पश्चिम एशिया यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) के कार्यान्वयन और आई2यू2 (भारत-इजराइल-यूएई-अमेरिका) के ढांचे के तहत सहयोग पर भी चर्चा हुई।