सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : डॉ. एस. आर. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), गराचरमा में भूकंप से संबंधित आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य प्रशिक्षुओं और संकाय सदस्यों के बीच आपदा के समय त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया की क्षमता विकसित करना था। कार्यक्रम का आयोजन डाइट के प्राचार्य के मार्गदर्शन में अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग और एनडीआरएफ टीम के सहयोग से 28 मार्च को किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार डॉ. स्वपन कुमार के संबोधन से हुई, जिन्होंने आपदा की स्थिति में तैयारी और समन्वित प्रतिक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। सत्र के दौरान एनडीआरएफ के निरीक्षक अर्जुन पाल राजपूत ने प्रतिभागियों के साथ संवाद किया और आपातकालीन स्थितियों में सतर्कता और जागरूकता के महत्व पर जोर दिया।
राज्य नोडल अधिकारी डॉ. बी. अजीत कुमार तथा सहायक नोडल अधिकारी (आपदा प्रबंधन – स्वास्थ्य) डॉ. राजेश कुमार घोष ने भी उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप और मानसिक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। गराचरमा अग्निशमन केंद्र के अधिकारियों, जिनमें स्टेशन अधिकारी एन. सुरेश और द्वितीय अधिकारी इक्तेदार बक्स शामिल थे, ने फायर सेफ्टी टीम के साथ मिलकर आपातकालीन प्रतिक्रिया तकनीकों और अग्नि सुरक्षा प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया। इस टीम के साथ अंडमान एवं निकोबार पुलिस के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ से सुनील कुमार भी मौजूद थे। इस मॉक ड्रिल में कुल 132 प्रशिक्षुओं और 35 संकाय सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।