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सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहकर टेक्नोलॉजी अपनाएं : वीके सिंह

कॉलेज कल्चरल डे को राज्यपाल ने किया संबोधित

Krishna Das Parth

आइजोल : मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह ने युवा पीढ़ी से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जुड़े रहते हुए आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार को अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में आगे बढ़ने के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों को संरक्षित रखना भी जरूरी है। आइजोल स्थित पचुंगा यूनिवर्सिटी कॉलेज (पीयूसी) के पांचवें कॉलेज कल्चरल डे को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सांस्कृतिक परंपराएं समुदायों को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन परंपराओं को तभी संरक्षित किया जा सकता है, जब युवा उन्हें समझें, उनका सम्मान करें और अगली पीढ़ी तक पहुंचाएं।

‘Tlawmngaihna’ को जीवन में अपनाने की अपील

सिंह ने मिज़ो समाज के प्रमुख मूल्यों ‘Tlawmngaihna’ (निस्वार्थ सेवा), दयालुता, साहस, बड़ों के सम्मान और सामुदायिक एकजुटता का उल्लेख किया। उन्होंने छात्रों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने और मिजोरम में शांति, शिक्षा तथा सामाजिक विकास में योगदान देने की अपील की। उन्होंने युवाओं से राज्य की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने का भी आग्रह किया। राज्यपाल ने भारत में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में तेजी से हो रही प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्थक विकास के लिए आधुनिक तकनीक को अपनाना जरूरी है, लेकिन इस प्रक्रिया में अपनी जड़ों और पहचान को नहीं भूलना चाहिए।

रोजमर्रा के जीवन में दिखे सांस्कृतिक मूल्य

राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री वनलालथलाना ने भी जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संरक्षण केवल पारंपरिक पोशाक पहनने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि मिज़ो मूल्यों को रोजमर्रा के व्यवहार में भी अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से बड़ों के सम्मान और ‘Tlawmngaihna’ की भावना को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। बिजली मंत्री एफ. रोडिंगलियाना ने मिज़ो समुदाय की विशिष्ट पहचान और परंपराओं को संरक्षित रखने की जरूरत बताई। उन्होंने मुश्किल समय में एक-दूसरे की मदद करने की सामुदायिक भावना को महत्वपूर्ण बताते हुए युवाओं से सही समझ विकसित करने, अच्छे सिद्धांतों को बनाए रखने और मिजोरम के बेहतर भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मिजोरम विश्वविद्यालय के कुलपति दिवाकर चंद्र डेका भी मौजूद रहे। पचुंगा यूनिवर्सिटी कॉलेज मिजोरम विश्वविद्यालय का एक घटक कॉलेज है।

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