आइजोल : मिजोरम में भारत-म्यांमा सीमा से जुड़े इलाकों में अवैध तस्करी के खिलाफ अभियान के दौरान सुरक्षा बलों और पुलिस को एक और सफलता मिली है। असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आइजोल के उत्तरी बाहरी इलाके जुआंगतुई से म्यांमा की 41 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 82 ग्राम वजन का सोने का एक बिस्कुट बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर जुआंगतुई इलाके में अभियान चलाया। जांच के दौरान महिला के पास से सोने का बिस्कुट बरामद किया गया। बरामद सोने को जब्त कर लिया गया और महिला को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बावंगकॉन थाने को सौंप दिया गया। अधिकारी ने बताया कि जब्त सोने के बिस्कुट को आगे की कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क अधिकारियों को सौंप दिया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सोना कहां से लाया गया था, इसे किसे सौंपा जाना था और इसके पीछे किसी संगठित तस्करी नेटवर्क की भूमिका है या नहीं।
म्यांमा सीमा से क्यों महत्वपूर्ण है मिजोरम?
मिजोरम की भौगोलिक स्थिति उसे भारत के पूर्वोत्तर में अंतरराष्ट्रीय तस्करी के लिहाज से बेहद संवेदनशील बनाती है। राज्य की म्यांमा के साथ करीब 510 किलोमीटर लंबी और बड़े हिस्से में बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा है। सीमा के पर्वतीय और दुर्गम भूभाग के कारण सुरक्षा एजेंसियों के सामने अवैध गतिविधियों पर नजर रखना बड़ी चुनौती है। भारत-म्यांमा सीमा से जुड़े मिजोरम के चम्फाई और सियाहा जैसे इलाके पहले भी नशीले पदार्थों, हथियारों, विदेशी मुद्रा और अन्य प्रतिबंधित सामान की तस्करी के मामलों में सामने आते रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां और असम राइफल्स इन क्षेत्रों में मिजोरम पुलिस तथा अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार अभियान चलाती हैं।
सोने की तस्करी का भी अहम गलियारा
मिजोरम से होकर भारत में सोने की तस्करी का मुद्दा नया नहीं है। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की Smuggling in India Report 2024-25 के अनुसार, भारत की पूर्वी और पूर्वोत्तर सीमाओं पर भूमि मार्ग से सोने की तस्करी लगातार बड़ी चुनौती बनी हुई है। रिपोर्ट में भारत-म्यांमा कॉरिडोर, जिसमें मणिपुर और मिजोरम शामिल हैं, को सोने की तस्करी के महत्वपूर्ण मार्गों में गिना गया है। DRI की रिपोर्ट में अप्रैल 2024 के एक मामले का भी उल्लेख है, जब मिजोरम से गुवाहाटी आ रहे एक वाहन की तलाशी में करीब 20 किलोग्राम सोने के 120 बिस्कुट बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया था कि सोना म्यांमा से मिजोरम सीमा के रास्ते भारत में लाया गया था। मार्च 2024 में DRI ने ‘ऑपरेशन राइजिंग सन’ के तहत एक बड़े तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। इस अभियान में करीब 61.08 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया गया था। पूछताछ में पता चला था कि सिंडिकेट भारत-म्यांमा भूमि सीमा के जरिए छोटी-छोटी खेप में सोना भारत में लाता था और बाद में उसे गुवाहाटी से देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाया जाता था। जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट में भी पूर्वोत्तर को म्यांमा से भारत में सोना पहुंचाने वाले एक महत्वपूर्ण गलियारे के रूप में रेखांकित किया गया था।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं सोने के तस्कर
मिजोरम में इससे पहले भी सोने की तस्करी के मामलों में बरामदगी हुई है। अगस्त 2023 में मिजोरम पुलिस ने लुंगलेई में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर तीन सोने के बिस्कुट बरामद किए थे। इनका कुल वजन एक किलोग्राम से अधिक था और अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई थी। वहीं, सितंबर 2020 में असम राइफल्स और सीमा शुल्क विभाग के संयुक्त अभियान में मिजोरम के च्हुंगटे गांव के पास एक व्यक्ति को पकड़कर करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के बिस्कुट बरामद किए गए थे। ताजा कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियों की नजर अब इस बात पर है कि 82 ग्राम सोने की यह खेप केवल व्यक्तिगत स्तर पर लाई गई थी या इसके पीछे म्यांमा से भारत तक फैला कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है।