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लालदुहोमा बने जेडपीएम अध्यक्ष, नए पदाधिकारियों की भी हुई घोषणा

Krishna Das Parth

आइजोल : मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा को सोमवार को सत्तारूढ़ जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया। पार्टी ने सोमवार को 2026-28 के कार्यकाल के लिए नए पदाधिकारियों की घोषणा भी की। लालदुहोमा अब मौजूदा अध्यक्ष लाललियानसावता की जगह लेंगे, जो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण पिछले कुछ समय से सक्रिय नहीं हैं। ‘जेडपीएम वाल उपा काउंसिल’ (वीयूसी) के सचिव थांगचुंगनुंगा ने पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त पदाधिकारियों का औपचारिक परिचय कराया और नियुक्तियों की घोषणा की।

कई प्रमुख नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी

पार्टी ने राज्य विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. केनेथ चावंगलियाना को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, ह्रांगतुर्जो विधानसभा क्षेत्र के विधायक और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार लालमुआनपुइया पुंटे को उपाध्यक्ष बनाया गया है। लुंगलेई पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक टी. लालह्लिमपुइया को पार्टी का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। नए पदाधिकारी 2026 से 2028 तक के कार्यकाल के लिए जिम्मेदारी संभालेंगे।

स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुआ संगठनात्मक बदलाव

जेडपीएम की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था वीयूसी को नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की जिम्मेदारी उस समय सौंपी गई, जब पार्टी के कई मौजूदा पदाधिकारी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण सक्रिय रूप से काम नहीं कर पा रहे थे। इसी क्रम में पार्टी ने मौजूदा पदाधिकारियों का कार्यकाल भी समय से पहले समाप्त कर दिया। उनका कार्यकाल अगले वर्ष समाप्त होना था। इससे पहले अप्रैल में निवर्तमान वरिष्ठ उपाध्यक्ष डब्ल्यू. छुआनावमा ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए पार्टी पद से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री के पार्टी पद संभालने का रास्ता साफ

लालदुहोमा की नियुक्ति से पहले जेडपीएम की कार्यकारी समिति की बैठक में पार्टी के संविधान में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई थी। संशोधन के तहत मुख्यमंत्री को सरकार के प्रमुख के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पार्टी संगठन में निर्वाचित पदाधिकारी का पद संभालने की अनुमति दी गई है। बैठक में पार्टी संविधान के अनुच्छेद 21 के खंड एक में संशोधन किया गया। इससे पहले इस प्रावधान के तहत मंत्रियों के पार्टी संगठन में निर्वाचित पदाधिकारी का पद संभालने पर रोक थी। संशोधन के बाद मुख्यमंत्री को इस प्रतिबंध से छूट मिल गई है। हालांकि, यह छूट अन्य मंत्रियों के लिए लागू नहीं की गई है। मौजूदा प्रावधानों के तहत राज्य के अन्य मंत्री जेडपीएम में निर्वाचित पदाधिकारी का पद नहीं संभाल सकते। इस संगठनात्मक बदलाव के साथ लालदुहोमा अब मुख्यमंत्री के साथ-साथ जेडपीएम के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।

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