आइजोल : मिजोरम में 2028 के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के नवनियुक्त राज्य प्रभारी एवं पूर्व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भागवत किशनराव कराड ने 5 अक्टूबर को कहा कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व मिजोरम के आगामी विधानसभा चुनावों को “बहुत गंभीरता” से ले रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति भी राज्य में पार्टी की चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने के प्रति केंद्रीय नेतृत्व की गंभीरता को दर्शाती है। आइजोल में संवाददाता सम्मेलन में कराड ने कहा कि वह मिजोरम का नियमित दौरा करेंगे और पार्टी को बूथ तथा जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर ध्यान देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और संगठन की मौजूदा कमियों को दूर करने की जरूरत पर भी जोर दिया। इससे पहले 3 अक्टूबर को बीजेपी कार्यालय में अपने स्वागत कार्यक्रम में कराड ने 2028 के चुनाव के बाद राज्य में सरकार बनाने को पार्टी का लक्ष्य बताया था।
विकास परियोजनाओं को बनाया आधार
कराड ने मिजोरम में केंद्र सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बीजेपी सुशासन, विकास और शांति के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन, सड़क एवं ऊर्जा परियोजनाओं, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों और ग्रामीण आवास योजनाओं को प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर गिनाया। उन्होंने 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन का विशेष उल्लेख किया। सितंबर 2025 में शुरू हुई इस परियोजना पर 8,070 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुआ है और इसके माध्यम से आइजोल के राजधानी क्षेत्र को पहली बार राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ा गया। कराड ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सितंबर 2025 की मिजोरम यात्रा के दौरान रेलवे, सड़क, ऊर्जा, खेल और सामाजिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन या शुभारंभ किया गया था।
ZPM के NDA में आने पर क्या बोले
मिजोरम में सत्तारूढ़ जोरम पीपल्स मूवमेंट (ZPM) के एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर कराड ने कहा कि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के किसी भी राजनीतिक निर्णय पर अंतिम फैसला बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। 40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा में फिलहाल बीजेपी के दो विधायक हैं और दोनों दक्षिणी मिजोरम के सियाहा जिले के विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। पार्टी अब राज्य के अन्य हिस्सों में भी अपनी संगठनात्मक मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दे रही है। बीजेपी ने सितंबर के अंत में राज्य प्रभारियों में व्यापक फेरबदल के दौरान कराड को मिजोरम का प्रभारी नियुक्त किया था। उन्हें पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए पार्टी का सह-समन्वयक भी बनाया गया है। ऐसे में मिजोरम के साथ-साथ पूर्वोत्तर में संगठनात्मक गतिविधियों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। कराड के लगातार बयानों से संकेत मिलता है कि बीजेपी 2028 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए अभी से संगठन विस्तार, कार्यकर्ता संपर्क और केंद्र की विकास परियोजनाओं को राजनीतिक संवाद का हिस्सा बनाने पर जोर दे रही है। पार्टी का घोषित लक्ष्य चुनाव के बाद राज्य में सरकार बनाना है।