शिलांग : मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राज्य के वित्त मंत्रियों और वित्त सचिवों के सम्मेलन में हिस्सा लिया। सम्मेलन का विषय “विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा के लिए फाइनेंसिंग” था। इसमें राज्यों की वित्तीय क्षमता मजबूत करने, विकास के लिए नए वित्तीय साधन तलाशने और आर्थिक विकास को गति देने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। सम्मेलन में सार्वजनिक वित्त को मजबूत करने, वित्तपोषण के नए तरीकों, कृषि क्षेत्र, ऊर्जा बदलाव, प्रौद्योगिकी और ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) के जरिए आर्थिक प्रगति को मापने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य राज्यों की विकास जरूरतों के अनुरूप वित्तीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और नए अवसरों की पहचान करना रहा।
‘मिशन 10’ को लेकर मेघालय की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि सम्मेलन में हुई चर्चाएं मेघालय की आर्थिक प्राथमिकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ‘मिशन 10’ के तहत अपने विकास एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। इस मिशन के तहत राज्य की अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने और विकास के नए अवसर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। संगमा के अनुसार, ‘मिशन 10’ के प्रमुख लक्ष्यों में लोगों के लिए नए अवसर पैदा करना, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, आजीविका के साधनों को बढ़ावा देना और उद्यमों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना शामिल है। इसके साथ ही राज्य सरकार एक अधिक मजबूत, टिकाऊ और अवसर आधारित अर्थव्यवस्था तैयार करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
विकास के लिए नए वित्तीय मॉडल पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के सामने विकास की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्तीय संसाधनों के नए विकल्प तलाशना महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे सम्मेलन राज्यों को दूसरे राज्यों की नीतियों और अनुभवों से सीखने तथा वित्तीय विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मेघालय के लिए यह मंच विशेष रूप से उपयोगी है, क्योंकि राज्य अपने दीर्घकालिक ‘मेघालय 2032’ विजन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके तहत राज्य की आर्थिक क्षमता का विस्तार करने और विकास को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सुधार और निवेश पर ध्यान दिया जा रहा है।
कृषि, ऊर्जा और तकनीक पर चर्चा
सम्मेलन में कृषि क्षेत्र में निवेश और उत्पादकता बढ़ाने, ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव तथा तकनीक के इस्तेमाल के जरिए आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा राज्यों के आर्थिक प्रदर्शन को मापने के लिए GSDP जैसे संकेतकों के प्रभावी इस्तेमाल पर विचार किया गया। संगमा ने कहा कि अलग-अलग राज्यों के अनुभवों और विशेषज्ञों की राय से मेघालय को अपनी वित्तीय और आर्थिक नीतियों को और बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में हुई चर्चाओं और साझा की गई जानकारियों के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तथा अन्य वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद राज्यों को विकास की बदलती जरूरतों के अनुरूप वित्तीय रणनीतियां तैयार करने और दीर्घकालिक लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करते हैं।