रोप वे 
देश/विदेश

विरोध के बावजूद शिलांग रोपवे परियोजना जारी रखेगी मेघालय सरकार

पर्यटन मंत्री पॉल लिंगदोह ने परियोजना को रद्द करने या दूसरी जगह स्थानांतरित करने की संभावना खारिज की

Bharat Paswan

शिलांग : मेघालय सरकार ने स्थानीय लोगों के विरोध और पर्यावरण संबंधी चिंताओं के बावजूद 150 करोड़ रुपये की प्रस्तावित शिलांग रोपवे परियोजना को जारी रखने का फैसला किया है। पर्यटन मंत्री पॉल लिंगदोह ने पांच नवंबर को परियोजना को रद्द करने या दूसरी जगह स्थानांतरित करने की संभावना खारिज कर दी। लिंगदोह ने कहा कि सरकार परियोजना को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके साथ ही सभी संबंधित पक्षों से बातचीत भी जारी रखेगी। उन्होंने परियोजना के विरोध के पीछे राजनीतिक कारण होने की आशंका जताई। उनके मुताबिक, कुछ लोग आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में अस्थिरता का माहौल दिखाना चाहते हैं। परियोजना के लिए ट्रेड लाइसेंस लंबित होने के सवाल पर मंत्री ने बताया कि निर्माण कंपनी ने मई में आवेदन किया था और जल्द लाइसेंस जारी होने की उम्मीद है। उन्होंने पुष्टि की कि बुधवार को कंपनी के परिसर का ताला तोड़ा गया था। इससे पहले 27 अक्टूबर को खासी हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (केएचएडीसी) ने जरूरी स्थानीय मंजूरियां नहीं मिलने का हवाला देते हुए निर्माण स्थल पर ताला लगा दिया था। पर्यावरण संबंधी चिंताओं पर लिंगदोह ने कहा कि प्रस्तावित स्थल शिलांग पीक से 3.15 किलोमीटर से अधिक दूर है। उन्होंने हितधारकों को सिक्किम ले जाकर वहां की रोपवे व्यवस्था दिखाने की पेशकश भी की। करीब 150 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना मदन लाबन को शिलांग पीक के पास स्थित शिलांग व्यू पॉइंट से जोड़ेगी। इसका उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ सड़क पर वाहनों का दबाव कम करना है। निर्माण कार्य अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था और इसे अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना को न्यू डेवलपमेंट बैंक और केंद्र की पीएम-डिवाइन योजना से वित्तीय सहायता मिल रही है।

SCROLL FOR NEXT