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1.14 लाख किसान परिवारों को 28.60 करोड़ रुपये जारी

Krishna Das Parth

तुरा : मेघालय सरकार ने ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को साथ जोड़ते हुए 1.14 लाख किसान परिवारों के लिए 28.60 करोड़ रुपये जारी किए। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने तुरा के न्यू तुरा स्थित माचाकोलग्रे एलपी स्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में FOCUS+ के तहत यह सहायता जारी की। कार्यक्रम में मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी, सामुदायिक प्रतिनिधि और लाभार्थी मौजूद रहे।

9,070 नए परिवार योजना में शामिल

FOCUS+ के तहत जारी सहायता में 9,070 नए लाभार्थी परिवार भी शामिल हैं। योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को खेती और अन्य उत्पादन संबंधी जरूरतों के लिए सालाना 5,000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से दो किस्तों में, 2,500-2,500 रुपये के रूप में दी जाती है। मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि योजना में नए लाभार्थियों को हर तीन महीने में शामिल करने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का लक्ष्य FOCUS+ के दायरे को बढ़ाकर 2.5 लाख से 3 लाख परिवारों तक पहुंचाना है।

आय के साथ जल और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा

कार्यक्रम में FOCUS+ के साथ MegARISE परियोजना को भी प्रमुखता से रखा गया। सरकार का कहना है कि दोनों पहलों का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय और उन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाना है, जिन पर खेती और आजीविका निर्भर करती है। MegARISE के तहत गानोल और उमियू कैचमेंट क्षेत्रों के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। गानोल कैचमेंट का क्षेत्रफल करीब 39,714 हेक्टेयर है और यह तुरा की दीर्घकालिक जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

344 करोड़ रुपये की MegARISE परियोजना

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में करीब 344.4 करोड़ रुपये की MegARISE परियोजना का उल्लेख किया। इसके तहत गानोल और उमियू कैचमेंट क्षेत्रों के संरक्षण के साथ-साथ इन क्षेत्रों पर निर्भर समुदायों के लिए वैकल्पिक आजीविका के अवसर विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। आधिकारिक परियोजना विवरण के अनुसार इसमें वन और अन्य पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने तथा संवेदनशील समुदायों की आजीविका में सुधार जैसे घटक शामिल हैं।

कैचमेंट संरक्षण में समुदायों की भागीदारी

कार्यक्रम में बताया गया कि दो समुदायों ने अपने कैचमेंट क्षेत्रों को मेघालय प्रोटेक्शन एक्ट, 1990 के तहत संरक्षित क्षेत्र घोषित करने की प्रक्रिया स्वेच्छा से शुरू की है। इसके साथ ही समुदाय आधारित इको-टूरिज्म की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक संस्थाओं की भागीदारी को कैचमेंट संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया। सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल जल स्रोतों की रक्षा करना नहीं, बल्कि जल, मिट्टी और वन संसाधनों को सुरक्षित रखते हुए स्थानीय समुदायों के लिए दीर्घकालिक आय और रोजगार के अवसर तैयार करना भी है।

विकास को परिवार और समुदाय से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि विकास केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर लोगों के लिए आर्थिक अवसर पैदा करना भी जरूरी है। उन्होंने किसानों के लिए FOCUS+, विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और स्वयं सहायता समूहों के लिए विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने पारंपरिक संस्थाओं के साथ सरकार की साझेदारी जारी रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए लाभार्थियों और सामुदायिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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