संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि 2028-29 के कार्यकाल के लिए सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी में समुद्री सुरक्षा और कृत्रिम मेधा (एआई) भारत की प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी। सुरक्षा परिषद की उच्चस्तरीय बहस में उन्होंने कहा कि एआई, उपग्रह निगरानी और स्वायत्त प्रणालियों का इस्तेमाल समुद्री सुरक्षा मजबूत करने के लिए होना चाहिए, न कि विवाद बढ़ाने के लिए। उन्होंने कहा कि महासागर वैश्विक व्यापार, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों से नौवहन की स्वतंत्रता और आपूर्ति शृंखला प्रभावित होती है। एआई की मदद से संदिग्ध समुद्री गतिविधियों की पहचान, निगरानी और खोज एवं बचाव अभियान बेहतर बनाए जा सकते हैं। उन्होंने विकासशील देशों को तकनीक और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। साथ ही बंदरगाहों, जहाजों और समुद्री संचार नेटवर्क को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने की आवश्यकता बताई। सुरक्षा परिषद के चुनाव अगले साल जून में होंगे, जिसमें भारत का मुकाबला ताजिकिस्तान से है।