इंफाल : मणिपुर में सुरक्षा बलों ने जबरन वसूली की गतिविधियों में कथित रूप से शामिल एक प्रतिबंधित संगठन के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व जिलों से पकड़ा गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलीपाक (प्रेपाक) से जुड़े बताए गए हैं। उन्हें रविवार को अलग-अलग अभियानों में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के बयान के मुताबिक, 45 वर्षीय एक आरोपी को इंफाल पश्चिम जिले के नॉर्थ एओसी इलाके से पकड़ा गया। वहीं, 46 वर्षीय दूसरे आरोपी को इंफाल पूर्व जिले के निंगोमथोंग कितना पानुंग स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया। दोनों पर जबरन वसूली से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
पिस्तौल और 12 गोलियां बरामद
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक के कब्जे से नौ एमएम की पिस्तौल और उसकी मैगजीन बरामद की गई। मैगजीन में 12 गोलियां भरी हुई थीं। पुलिस के अनुसार, सुरक्षा बलों ने इसके अलावा सोमवार को इंफाल पश्चिम जिले में एक अलग अभियान चलाया। राज्य पुलिस कमांडो और 33 असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने लामसांग थाना क्षेत्र के अखम और लामडेंग गांवों के आसपास तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की। बरामद हथियारों में नौ नौ-एमएम पिस्तौल, एक देसी बंदूक, दो सिंगल-बैरल बंदूकें और एक ग्रेनेड शामिल हैं।
बिष्णुपुर में ब्राउन शुगर बरामद
इस बीच, बिष्णुपुर जिले में पुलिस ने नियमित जांच के दौरान एक कार से करीब 2.1 किलोग्राम ब्राउन शुगर बरामद की। पुलिस के अनुसार, शनिवार को तेरखोंगशांगबी बाजार से क्वाक्ता की ओर जा रही एक कार को जांच के लिए रोका गया था। पुलिस ने वाहन की तलाशी के दौरान ब्राउन शुगर के चार पैकेट बरामद किए, जिनका कुल वजन करीब 2.1 किलोग्राम बताया गया है। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी। पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है और बरामद मादक पदार्थ की तस्करी तथा उससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
संवेदनशील इलाकों में अभियान जारी
मणिपुर में मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से सुरक्षा बल बाहरी और संवेदनशील इलाकों में लगातार तलाशी तथा क्षेत्र नियंत्रण अभियान चला रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य उग्रवादी गतिविधियों, अवैध हथियारों और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। घाटी में रहने वाले मेइती और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की मौत हुई है, जबकि 49 लोग अभी भी लापता बताए गए हैं। हिंसा के कारण हजारों लोग विस्थापित भी हुए हैं।