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सुरक्षाबलों पर गोलीबारी के आरोप में दो उग्रवादी गिरफ्तार

Krishna Das Parth

इंफाल : मणिपुर में सुरक्षा बलों पर गोलीबारी के अलग-अलग मामलों में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने प्रतिबंधित संगठन नेशनल रिवोल्यूशनरी फ्रंट मणिपुर (एनआरएफएम) से कथित रूप से जुड़े दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर 22 अगस्त को लामलोंग बाजार में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों तथा 10 सितंबर को खोंगहामपट में तैनात सीआरपीएफ कर्मियों पर गोलीबारी में शामिल होने का आरोप है।  

खुफिया सूचना के आधार पर हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेलीबाम टोमटिन मेइती (27) और उनके भाई शेलीबाम जगतश्याम मेइती (35) के रूप में हुई है। दोनों को मंगलवार को इंफाल पूर्वी जिले के कोंगपाल कोंगखाम इलाके से खुफिया जानकारी के आधार पर पकड़ा गया। पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में दोनों को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों एनआरएफएम के सक्रिय सदस्य हैं।  

दो अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं का आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर 22 अगस्त को लामलोंग बाजार में एसएसबी जवानों पर गोलीबारी करने का आरोप है। इसके अलावा 10 सितंबर को खोंगहामपट में ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले में भी उनकी कथित भूमिका की जांच की जा रही है। 10 सितंबर की घटना में हथियारबंद लोगों ने खोंगहामपट अवांग लीकाई में तैनात सीआरपीएफ कर्मियों पर कई गोलियां चलाई थीं। पुलिस के अनुसार, इस हमले में कोई सुरक्षा कर्मी घायल नहीं हुआ था। मामले में पहले शेलीबाम याइमा को गिरफ्तार किया गया था।

पिता भी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार

खोंगहामपट में सीआरपीएफ पर गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार किए गए शेलीबाम याइमा को दोनों आरोपियों का पिता बताया गया है। पुलिस ने इससे पहले घटना में इस्तेमाल एक ऑल्टो कार बरामद की थी और वाहन से एक खाली कारतूस भी मिला था।

एके-47 और पिस्तौल बरामद

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों भाइयों के कब्जे से एक एके-47 राइफल, 43 जिंदा कारतूस और एक 9 एमएम पिस्तौल बरामद की गई है। पिस्तौल के साथ तीन जिंदा कारतूस भी मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियां बरामद हथियारों और आरोपियों की कथित भूमिका की आगे जांच कर रही हैं। मणिपुर में हाल के दिनों में सुरक्षा बलों पर गोलीबारी और प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े संदिग्ध कैडरों की गिरफ्तारी की कई घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों के जरिए ऐसे संगठनों के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है।

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