इंफाल : मणिपुर के पहाड़ी जिलों में बुधवार तड़के हिंसा की दो घटनाओं ने तनाव बढ़ा दिया। तमेंगलोंग जिले में 36 वर्षीय निजी इलेक्ट्रिक लाइनमैन पाओजंगम चोंगलोई की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि इसके कुछ घंटों बाद पड़ोसी कांगपोकपी जिले के दो नागा गांवों में कम से कम 24 घरों को आग के हवाले कर दिया गया। दोनों घटनाओं में हमलावरों की पहचान की जांच की जा रही है। पहली घटना तमेई थाना क्षेत्र के लासन गांव में सुबह करीब चार बजे हुई। अधिकारियों के अनुसार, वाकोटफाई गांव निवासी चोंगलोई उस समय 33 केवी बिजली लाइन की मरम्मत का काम कर रहे थे, जब अज्ञात हथियारबंद लोगों ने कथित तौर पर उन पर गोली चला दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
Zero FIR की मांग
लासन गांव की अथॉरिटी ने हत्या की जांच के लिए पुलिस से Zero FIR दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में NSCN-IM के कैडरों और लांगका गांव के स्वयंसेवकों पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस हमलावरों की पहचान तथा घटना में उनकी भूमिका की जांच कर रही है। तमेई थाना प्रभारी ने बताया कि दुर्गम इलाके के कारण पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद कांगपोकपी पुलिस से मौके पर जाकर जांच करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया।
दो नागा गांवों में आगजनी
लाइनमैन की हत्या के करीब एक घंटे बाद कांगपोकपी जिले के माकुई खुमन और माकुई थानाम्बा/चमरुइओइउ गांवों में भी हिंसा की सूचना मिली। दोनों गांव चलवा थाना क्षेत्र में आते हैं और एक-दूसरे से करीब 2-3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। एक स्थानीय निवासी के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे हथियारबंद लोगों ने दोनों गांवों पर हमला कर घरों में आग लगा दी। प्रत्येक गांव में करीब 12 परिवार रहते थे। हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार, कुकी-नागा झड़पों के बाद इन गांवों के निवासी पहले ही विस्थापित होकर करीब 12 किलोमीटर दूर माकुई खुनजाओ में रह रहे थे। लौटने पर उन्होंने दोनों गांवों के कुल 24 घरों को जला हुआ पाया। माकुई विलेज अथॉरिटी ने केंद्र और मणिपुर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती, नुकसान का आकलन और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की मांग की है। क्षेत्र के अन्य नागा गांवों में भी गोलीबारी और आगजनी की खबरों की जांच की जा रही है।
हाल की हत्याओं के बाद बढ़ा तनाव
ताजा घटनाएं तमेंगलोंग में सोमवार को 17 वर्षीय नागा युवक एनके विफेनबोउ की कथित घात लगाकर हत्या के कुछ दिन बाद हुई हैं। लगातार हो रही हिंसा से तमेंगलोंग, कांगपोकपी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में नागा और कुकी समुदायों के बीच तनाव बढ़ने की चिंता है। वहीं, कुकी समुदाय के प्रतिनिधियों ने चोंगलोई की हत्या की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुकी सिविक एक्शन कमेटी ने आरोप लगाया है कि यह घटना इंफाल-तमेंगलोंग मार्ग के आसपास बस्तियों को प्रभावित करने वाली हिंसक घटनाओं की श्रृंखला का हिस्सा है। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां दोनों घटनाओं की जांच कर रही हैं। अधिकारियों के सामने हमलावरों की पहचान, हिंसा के कारणों और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों का पता लगाने की चुनौती है।