इंफाल-नागालैंड : मणिपुर के सेनापति जिले में शनिवार को अज्ञात हथियारबंद लोगों ने दो नागा नागरिकों की कथित तौर पर हत्या कर दी। यह घटना कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास एक दूरदराज गांव से चार तंगखुल नागाओं के गोलियों से छलनी शव बरामद होने के एक दिन बाद हुई है। लगातार दो दिनों में छह नागा नागरिकों की हत्या की घटनाओं से क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर सेनापति जिले के कैलेनजंग गांव में दो लोगों को अज्ञात हथियारबंद लोगों ने निशाना बनाया। मृतकों की पहचान सेनापति जिले के चाओवाइनामाई गांव के रॉकी और लाई शिराफी गांव के कुमार के रूप में हुई है। घटना के पीछे का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रियता बढ़ाई गई। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पुलिस अधिकारियों से घटना को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी थी। हमले के कारण और इसमें शामिल लोगों की पहचान तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना है।
चार तंगखुल नागाओं की हत्या के अगले दिन वारदात
सेनापति की घटना से एक दिन पहले शुक्रवार को कामजोंग जिले के एक दूरदराज गांव में चार तंगखुल नागाओं के गोलियों से छलनी शव बरामद किए गए थे। यह इलाका भारत-म्यांमार सीमा के निकट स्थित है। इन हत्याओं के बाद नागा समुदाय में चिंता बढ़ी थी। दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
नाकेबंदी रोकने के कुछ घंटे बाद हत्या
सेनापति में दो नागा नागरिकों की हत्या की घटना ऐसे समय हुई, जब यूनाइटेड नगा काउंसिल (UNC) ने शनिवार शाम छह बजे से अपनी जारी आर्थिक नाकेबंदी को रोकने की घोषणा की थी। मणिपुर में नागाओं की शीर्ष संस्था माने जाने वाले UNC ने यह निर्णय केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और संगठन के बीच 26 सितंबर को गुवाहाटी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता के बाद लिया। UNC के अनुसार, वार्ता में बनी सहमति के आधार पर आर्थिक नाकेबंदी को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया गया। हालांकि, नाकेबंदी रोकने की घोषणा के कुछ ही घंटे बाद सेनापति में दो नागा नागरिकों की हत्या की घटना सामने आई। मणिपुर में जारी जातीय तनाव और विभिन्न समुदायों के बीच सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच लगातार हुई इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस जांच और आधिकारिक बयान का इंतजार है।