देश/विदेश

NRC-Census को लेकर JFD समर्थित प्रदर्शन जारी

“No NRC, No Census” की मांग दोहराई

Krishna Das Parth

इंफाल : मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के अपडेट और जनगणना (Census) को लेकर विरोध-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहे। Campaign for Just and Fair Delimitation (JFD) के नेतृत्व और समर्थन में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने “No NRC, No Census” के साथ-साथ NRC को 1951 को आधार वर्ष मानकर अपडेट करने की मांग दोहराई। इंफाल ईस्ट के न्यू चेकॉन स्थित ब्राइटर एकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल के बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने स्कूल गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने NRC अपडेट किए बिना जनगणना नहीं कराने और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (IDPs) के पुनर्वास से पहले जनगणना नहीं कराने की मांग भी उठाई। JFD की छात्र शाखा के एक सदस्य ने कहा कि NRC और जनगणना से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। संगठन का कहना है कि NRC के अपडेट के लिए 1951 को आधार वर्ष बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान 1980 और 1994 में सरकार एवं संबंधित पक्षों के बीच हुए समझौतों का भी उल्लेख किया गया।

मोरांग में सरकारी कार्यालय बंद कराए

इस बीच, मोरांग सब-डिविजन की NRC Demand Committee से जुड़ी स्थानीय महिलाओं और स्वयंसेवकों ने बुधवार को SDO, ट्रेजरी और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को फिर बंद करा दिया। रिपोर्ट के अनुसार, ये कार्यालय पहले भी आंदोलन के दौरान बंद किए गए थे और दोबारा खुलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने उन्हें फिर बंद करा दिया, जिससे सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। इसके अलावा मालोम बाजार और पटसोई बाजार में भी JFD के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किए गए। इन प्रदर्शनों में NRC, जनगणना तथा आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास से जुड़े मुद्दे उठाए गए।

JFD ने आंदोलन जारी रखने की बात कही

JFD इससे पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि केवल जनगणना को स्थगित करना उसकी मुख्य मांगों को पूरा नहीं करता। संगठन NRC को 1951 को आधार वर्ष मानकर अपडेट करने के लिए औपचारिक सरकारी आदेश की मांग कर रहा है। सितंबर के अंत तक ऐसा आदेश नहीं आने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी गई है। मणिपुर में NRC और जनगणना का मुद्दा पिछले कई सप्ताह से विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख विषय बना हुआ है। राज्य विधानसभा ने भी सितंबर की शुरुआत में केंद्र से जनगणना से पहले NRC अपडेट करने की मांग दोहराई थी।

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