इंफाल : मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपजेन ने कांगपोकपी इलाके में एक नागरिक और स्थानीय लाइनमैन पाओजंगम चोंगलोई की हत्या की निंदा की है। चोंगलोई पर मरम्मत कार्य के लिए जाते समय कथित तौर पर घात लगाकर हमला किया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। 23 सितंबर को जारी बयान में किपजेन ने बताया कि 36 वर्षीय चोंगलोई वालुस्टफल निवासी लुटजालम चोंगलोई और ल्हाइवाह चांगलोई के पुत्र थे। उनके परिवार में पत्नी और चार बच्चे हैं। उपमुख्यमंत्री के अनुसार, चोंगलोई स्थानीय स्तर पर लाइनमैन के रूप में काम करते थे और सरकारी लाइनमैन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बिजली लाइन की मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य करते थे। किपजेन के मुताबिक, चोंगलोई लासा में मरम्मत कार्य के लिए जा रहे थे, तभी अज्ञात उग्रवादियों ने उन पर कथित रूप से घात लगाकर हमला किया। उन्होंने हत्या को परिवार और पूरे समुदाय के लिए “दुखद नुकसान” बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई।
निष्पक्ष जांच की अपील
उपमुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंसा में पहले ही बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। किपजेन ने सभी संबंधित पक्षों से हिंसा रोकने और शांति तथा मानवता का रास्ता अपनाने की अपील की। इस बीच, सदर हिल्स, कांगपोकपी की कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (CoTU) ने भी घटना की निंदा की है। संगठन ने 23 सितंबर को जारी बयान में मृतक की पहचान ट्विलांग क्षेत्र में तैनात 33 केवी लाइनमैन के रूप में की। CoTU ने राज्य सरकार से उन समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की, जिन्हें संगठन ने घटना के लिए जिम्मेदार बताया है। संगठन ने कहा कि जब तक जिम्मेदार लोगों और अन्य हत्याओं के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक कुकी-जो समुदाय मृतक का शव स्वीकार नहीं करेगा। यह घटना ऐसे समय हुई है जब मणिपुर के कुछ हिस्सों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है और हथियारबंद समूहों तथा नागरिकों के बीच हिंसा की घटनाएं चुनौती बनी हुई हैं। घटना की परिस्थितियों और हमले में शामिल लोगों की पहचान को लेकर जांच जारी है।