इंफाल : मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने बुधवार को कहा कि मई 2023 से जारी जातीय संघर्ष और उसके कारण बार-बार हुए बंद एवं नाकेबंदी का राज्य की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 2023 से 2026 के बीच राज्य के माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी संकट ने आर्थिक गतिविधियों और विकास की प्रक्रिया को प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री ने यह बात ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (एएमडब्ल्यूजेयू) के 52वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान कही। इंफाल स्थित मणिपुर प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने राज्य की मौजूदा आर्थिक स्थिति, बंद और नाकेबंदी के प्रभाव तथा विकास को पटरी पर लाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया।
बंद-नाकेबंदी से प्रभावित आर्थिक गतिविधियां
खेमचंद सिंह ने कहा कि संघर्ष के दौरान बार-बार बंद और नाकेबंदी से लोगों और सामान की आवाजाही प्रभावित हुई। इसका असर व्यापार, परिवहन और अन्य आर्थिक गतिविधियों पर पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के राजस्व संग्रह पर भी दबाव आया। उन्होंने कहा कि आर्थिक सुधार के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना जरूरी है, जिसमें सामान्य कारोबारी और सामाजिक गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालित हो सकें। मुख्यमंत्री ने नागरिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों से अपील की कि वे विरोध के लिए बंद और नाकेबंदी का रास्ता अपनाने से बचें। उनके मुताबिक, इस तरह के कदमों का असर केवल सरकार पर नहीं, बल्कि आम लोगों और राज्य के विकास कार्यों पर भी पड़ता है।
संघर्ष में 306 लोगों की मौत, 49 अब भी लापता
मणिपुर में मई 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्ष के बाद से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने 3 सितंबर को विधानसभा में बताया था कि 31 अगस्त 2026 तक 306 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि 49 लोग अब भी लापता थे। इस लंबे संकट ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को प्रभावित किया है। सामान्य जनजीवन की बहाली के साथ आर्थिक गतिविधियों को दोबारा गति देना भी सरकार के सामने प्रमुख चुनौतियों में शामिल है।
पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने की घोषणा
एएमडब्ल्यूजेयू के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के कल्याण से जुड़ी घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की मासिक पेंशन को 8,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया जाएगा। वहीं, पारिवारिक पेंशन की राशि 5,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रस्तावों को कैबिनेट के समक्ष रखा जाना है। मुख्यमंत्री ने लंबे समय से जारी संकट के दौरान पत्रकारों की भूमिका का उल्लेख करते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम के दौरान दिवंगत पत्रकारों की स्मृति में बने स्मारक पर पुष्पांजलि भी अर्पित की गई। कार्यक्रम में राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारी, पत्रकार संगठन के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
आर्थिक सुधार के लिए सामूहिक प्रयास की अपील
खेमचंद ने कहा कि राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार, नागरिक संस्थाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने और सामान्य आर्थिक गतिविधियों को बहाल करने पर जोर दिया। जीएसटी राजस्व में आई कमी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष का असर केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता, बल्कि राज्य की वित्तीय स्थिति और विकास की गति पर भी पड़ता है। ऐसे में सामान्य स्थिति की बहाली के साथ आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना जरूरी है।