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मणिपुर में शांति बहाली का कोई रोडमैप नहीं : कांग्रेस

इंफाल : मणिपुर कांग्रेस विधायक दल के नेता केइशम मेघचंद्र सिंह ने शनिवार को भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि हिंसा से प्रभावित राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सरकार के पास कोई ठोस रोडमैप नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अब तक ऐसी कोई स्पष्ट कार्ययोजना सामने नहीं आई है, जिससे राज्य में लंबे समय से जारी संकट का स्थायी समाधान हो सके। मेघचंद्र सिंह की यह टिप्पणी राज्य के गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम के विधानसभा में दिए गए उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने बताया कि मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक 306 लोगों की मौत हुई है, जबकि 49 लोग अभी भी लापता हैं।

‘शांति बहाली के लिए ठोस योजना नहीं’

पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेता ने कहा, “अब तक शांति बहाली के लिए कोई रोडमैप नहीं है। राज्य सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है।” उन्होंने हिंसा से प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस की लड़ाई जारी रखने की बात कही। सिंह ने विधानसभा में हालिया चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि सामान्य स्थिति बहाल करने और राज्य में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की मांग को लेकर चर्चा के दौरान सदन में काफी हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक राज्य के प्रमुख मुद्दों पर विधानसभा में व्यापक चर्चा की मांग करते रहे हैं।

NRC को लेकर भी सरकार पर निशाना

मणिपुर में जनगणना प्रक्रिया शुरू होने से पहले NRC को अपडेट करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने NRC तैयार करने के लिए 1951 को आधार वर्ष मानने की लोगों की मांग को स्वीकार नहीं किया है। केंद्र सरकार ने नागरिक समाज संगठनों की मांगों और राज्य की परिस्थितियों को देखते हुए मणिपुर में जनगणना प्रक्रिया को टालने का फैसला किया था। इस मुद्दे को लेकर राज्य में राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

हिंसा के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

विधानसभा में सामने आए 306 मौतों और 49 लोगों के अब भी लापता होने के आंकड़े मणिपुर में जारी संकट की गंभीरता को दर्शाते हैं। कांग्रेस का कहना है कि केवल प्रशासनिक कदमों से स्थिति सामान्य नहीं होगी, बल्कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास, न्याय और सुरक्षा के साथ राजनीतिक स्तर पर स्पष्ट शांति प्रक्रिया भी जरूरी है। मेघचंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस विधानसभा के भीतर राज्य के प्रमुख मुद्दों को उठाती रहेगी और हिंसा से प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

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