देश/विदेश

मणिपुर में उग्रवादी नेटवर्क पर शिकंजा

संवेदनशील इलाकों में अभियान तेज

Krishna Das Parth

इंफाल : मणिपुर में जारी हिंसा और बदलती सुरक्षा स्थिति के बीच केंद्रीय एवं राज्य सुरक्षा एजेंसियों ने उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है। सुरक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों और स्थानीय इंटेलिजेंस नेटवर्क से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में तलाशी तथा काउंटर-इंसर्जेंसी अभियान तेज किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, एनएससीएन (आईएम) समेत विभिन्न सशस्त्र समूहों से जुड़े कैडरों की हिंसा, जबरन वसूली और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों में कथित संलिप्तता को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को सूचनाएं मिली हैं। इन्हीं इनपुट के आधार पर जमीनी स्तर पर तैनात कमांडरों को सशस्त्र समूहों के खिलाफ अधिक सक्रिय रणनीति अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मुख्य जोर निवारक उपायों और क्षेत्र में तनाव नियंत्रित करने पर रहा था।

कोबरा की तैनाती से अभियान को मजबूती

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कमांडो इकाई CoBRA को भी मणिपुर में काउंटर-इंसर्जेंसी अभियानों को मजबूत करने के लिए लगाया गया है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इसका उद्देश्य दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान चलाने की क्षमता बढ़ाना तथा संदिग्ध उग्रवादी नेटवर्क की गतिविधियों को बाधित करना है। मणिपुर पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर को कांगपोकपी जिले के गामपुम गांव में पुलिस, CoBRA, CRPF और RAF की संयुक्त टीम ने संदिग्ध कुकी लिबरेशन आर्मी (KLA) के एक शिविर पर कार्रवाई की थी। इस दौरान आठ लोगों को पकड़ा गया और सात स्वचालित हथियार बरामद किए गए थे।

संवेदनशील जिलों में तलाशी अभियान

सुरक्षा बलों ने इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग जिलों के संवेदनशील एवं बाहरी इलाकों में तलाशी और क्षेत्र वर्चस्व अभियान तेज किए हैं। हाल की कार्रवाइयों में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, तमेंगलॉन्ग जिले के सिबिलोंग इलाके में पुलिस ने एनएससीएन (आईएम) से जुड़े होने के संदेह में दो कथित जबरन वसूली करने वालों को भी गिरफ्तार किया था। सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय खुफिया नेटवर्क से मिलने वाली सूचनाओं का विश्लेषण कर उन इलाकों की पहचान कर रही हैं, जहां लक्षित अभियान चलाने की जरूरत है। अधिकारियों के मुताबिक, मकसद हिंसक समूहों की गतिविधियों को रोकना और नागरिकों तथा सुरक्षा बलों पर संभावित हमलों को टालना है।

कुकी-नगा तनाव ने बढ़ाई चुनौती

मणिपुर में मई 2023 से जारी मैतेई-कुकी संघर्ष के बीच हाल के महीनों में कुकी और नगा समुदायों के बीच भी तनाव की घटनाएं सामने आई हैं। सितंबर में तमेंगलॉन्ग और आसपास के इलाकों में हिंसक घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक अतिरिक्त चुनौती बन गई है। हालांकि, विभिन्न पक्षों की ओर से इन घटनाओं और उनके पीछे सक्रिय संगठनों को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। NSCN (IM) ने हाल में केंद्र पर नगा क्षेत्रों में सैन्य दबाव बढ़ाने के आरोप लगाए हैं, जबकि कुकी संगठनों ने NSCN (IM) पर नगा-कुकी तनाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियों का मौजूदा फोकस संवेदनशील क्षेत्रों में हिंसा की घटनाओं को रोकने, संदिग्ध सशस्त्र नेटवर्क की गतिविधियों पर अंकुश लगाने और बदलती जातीय-सुरक्षा स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।

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