सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार मत्स्य सहकारी महासंघ लिमिटेड के अध्यक्ष एस. यू. महेश्वर राव ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में पेलैजिक ट्रॉल जाल में पहली बार टर्टल एक्सक्लूडर डिवाइस की सफल स्थापना का स्वागत करते हुए इसे सतत मत्स्य पालन तथा समुद्री जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि टर्टल एक्सक्लूडर डिवाइस की स्थापना को अंडमान एवं निकोबार समुद्री मत्स्य पालन नियम (संशोधन), 2025 के अंतर्गत अनिवार्य बनाया गया है। इस पहल को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केंद्र सरकार की शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता से लागू किया गया है। महेश्वर राव ने इस महत्वपूर्ण संरक्षण पहल को द्वीपसमूह में लागू करने के लिए भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के मत्स्य विभाग तथा सभी केंद्रीय मत्स्य एवं समुद्री अनुसंधान संस्थानों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टर्टल एक्सक्लूडर डिवाइस एक पर्यावरण-अनुकूल तकनीक है, जो समुद्री कछुओं को मछली पकड़ने वाले जाल से सुरक्षित बाहर निकलने का अवसर प्रदान करती है, जबकि मछुआरे बिना किसी बाधा के मछली पकड़ने का कार्य जारी रख सकते हैं। उनके अनुसार यह पहल भारत सरकार की जिम्मेदार मत्स्य पालन पद्धतियों को बढ़ावा देने तथा समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, साथ ही इससे मछुआरों की आजीविका पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। महेश्वर राव ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के सभी पेलैजिक ट्रॉल जाल संचालकों तथा यांत्रिक मत्स्य नौकाओं के स्वामियों से स्वेच्छा से टर्टल एक्सक्लूडर डिवाइस अपनाने और इसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि इस तकनीक को व्यापक स्तर पर अपनाया जाता है तो इससे सतत मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा, संकटग्रस्त समुद्री जीवों का संरक्षण होगा, जिम्मेदार मत्स्य पालन पद्धतियां मजबूत होंगी तथा मत्स्य समुदाय को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टर्टल एक्सक्लूडर डिवाइस का सफल क्रियान्वयन अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह को भारत में सतत मत्स्य प्रबंधन तथा समुद्री संरक्षण के एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।