नयी दिल्ली : दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ‘ओमान के सह पायलट’ ने भारतीय पायलट स्मित मछार पर चाकू से हमला नहीं किया था। जांच में सामने आया है कि हमलावर कोई बाहरी हथियार विमान में लेकर नहीं आया था। पायलट की विमान की कॉकपिट तक पहुंच के पहले ड्रग, अल्कोहल चेक के साथ कई तरह की जांच से गुजरना पड़ता है। ओमानी पायलट ने विमान में इमरजेंसी के वक्त इस्तेमाल के लिए मौजूद क्रैश एक्स (एक तरह की कुल्हाड़ी) से कैप्टन मछार पर हमला किया गया।
हमले की आधी गुत्थी सुलझी
दुनियाभर में हो रही इस चर्चा कि सह पायलट आखिर चाकू लेकर विमान के कॉकपिट में कैसे घुसा, शुरुआती जांच में ही इस सवाल की गुत्थी सुलझ गयी। कैप्टन मछार पर हमले के बाद प्लेन 34 हजार फुट की ऊंचाई से करीब 17 हजार फुट नीचे आ गया था। एक रिपोर्ट के अनुसार ओमानी सह पायलट ने अपने भारतीय कैप्टन पर जोरदार हमला करने के लिए क्रैश एक्स या फायर एक्स का इस्तेमाल किया था। क्रैश एक्स विमान के कॉकपिट के अंदर ही रखी होती है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा था कि ‘हमले’ में क्रैश एक्स का इस्तेमाल किया गया था।
जब विमान में हर किसी को मौत करीब आती नजर आयी!
रिपोर्ट के अनुसार दुबई से उड़ान भरने के करीब ढाई घंटे बाद मची अफरातफरी के बीच, विमान लगभग एक मिनट में 33 हजार फुट से 17 हजार फुट की ऊंचाई पर नीचे आया। फिर उसने जॉर्डन की सीमा के पास एक अजीब सा चक्कर लगाया और हाईजैक कोड भेजने के बीच करीब एक घंटे बाद सऊदी अरब के शहर तबुक में लैंड किया। एअर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ विमान की बातचीत सुनने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि तबुक में लैंड करने से पहले सऊदी अरब और जॉर्डन ने विमान को वापस भेज दिया था। जबकि बैकग्राउंड में यात्री चीख-चिल्ला रहे थे। पायलट की आवाज कांप रही थी, जब उसने मे-डे (आपातकालीन संकेत) दिया और बताया कि विमान को हाईजैक किया जा रहा है।
कॉकपिट में कुल्हाड़ी क्यों थी?
अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत विमान में फैक्टरी से ही एक आपातकालीन कुल्हाड़ी लगायी जाती है। हर कमर्शियल एअरलाइनर में इसका होना जरूरी है। दशकों से विमानों में किसी न किसी रूप में आपातकालीन उपकरण के तौर पर इन्हें लगाया जाता रहा है, ताकि क्रैश के बाद इनका इस्तेमाल किया जा सके। पहले कुल्हाड़ियां मुख्य केबिन में रखी जाती थीं, लेकिन 25 साल पहले अमेरिका में 9/11 के आतंकी हमलों के बाद इन्हें कॉकपिट में शिफ्ट कर दिया गया। अब यह हथियार कॉकपिट में पायलटों की पहुंच के आसपास ही रखा जाता है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार विमान से 7500 का एंटी हाईजैक कोड एअर ट्रैफिक कंट्रोल को भेजा जाता है तो ATC उसको जवाब नहीं देता। वह कोड की पुष्टि कर सकता है, पर जवाब नहीं देता। क्योंकि हो सकता है कि हाईजैकर अगर अंदर है तो वो भी उस बात को सुनेगा और हो सकता है वह कोई गलत एक्शन ले ले। विमान जब क्रैश करता है तो विंडशील्ड को तोड़ कर या कोई और एरिया को तोड़ कर लोगों को बाहर निकला जा सके। विमान हादसे में नुकसान कम से कम हो।
को-पायलट की सही पहचान अभी पता नहीं चली!
ओमान के सह-पायलट की पहचान और मकसद का पता नहीं चल पाया है, लेकिन नेतन्याहू ने कहा है कि उसको गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरी ओर सऊदी और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अधिकारियों ने जांच जारी होने की पुष्टि करने के अलावा सार्वजनिक रूप से ज्यादा कुछ नहीं कहा है। फ्लाईदुबई ने कहा है कि जांच पूरी होने तक इजरायल आने-जाने वाली उसकी उड़ानें रोक दी जायेंगी। हवा में हुई यह घटना ऐसे समय में हुई जब इजरायल ने सुरक्षा को लेकर किसी अज्ञात लेकिन गंभीर खतरे की चेतावनी दी थी। देश हमास के नेतृत्व में 7 अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हुए हमले की बरसी से एक हफ्ता बाकी है। इसके कारण गाजा में युद्ध शुरू हुआ था।
ओमानी पायलट पर टिकी जांच की दिशा
विमान के अपहरण की ‘साजिश’ के पहलू की जांच के लिए विशेष टीम बना दी गयी है। जांच टीम को सुबूत जुटाने के निर्देश दिये गये हैं। हमले के पीछे की मंशा क्या थी। अब जांच की जायेगी कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि ओमानी पायलट इस तरह से हमलावर बन गया। आतंकी एंगल से भी इस मामले की जांच की जायेगी। आखिर ओमानी पायलट भी सालों से विमान उड़ा रहा होगा और उसका भी एक ठीकठाक रिकॉर्ड रहा होगा।