अंजली भाटिया : कांग्रेस की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर उन पर सरकार के दबाव में काम करने और निष्पफ़क्ष भूमिका न निभाने का आरोप लगाया। पत्र पर प्रियंका गांधी वाद्रा, वर्षा गायकवाड़, ज्योति मणि समेत अन्य सांसदों के हस्ताक्षर हैं। सांसदों ने कहा कि प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति को लेकर अध्यक्ष द्वारा कांग्रेस महिला सांसदों पर लगाए गए आरोप झूठे, निराधार और मानहानिकारक हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री डर के कारण नहीं, बल्कि विपक्ष का सामना करने का साहस न होने के कारण सदन में नहीं आए।
उन्होंने संसदीय परंपराओं के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लगातार चार दिनों तक बोलने का अवसर नहीं दिया गया। वहीं ‘इंडिया’ गठबंधन के आठ सांसदों को निलंबित किया गया और एक भाजपा सांसद को अभद्र भाषा बोलने की अनुमति दी गई। महिला सांसदों ने कहा कि उनका विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और मर्यादित रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस हिंसा या धमकी की राजनीति में विश्वास नहीं रखती और महिला प्रतिनिधियों को डराकर चुप नहीं कराया जा सकता।
अंत में उन्होंने अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे सत्तारूढ़ दल के दबाव से ऊपर उठकर लोकसभा के निष्पक्ष संरक्षक के रूप में कार्य करें, ताकि सदन की गरिमा और लोकतंत्र की विश्वसनीयता बनी रहे।