इस्लामाबाद : लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादी हाफिज तल्हा सईद ने एक बार फिर भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी की है। एक हालिया भाषण में उसने ‘जिहाद’ जारी रखने का आह्वान किया और भारत के खिलाफ धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया। उसने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की भी प्रशंसा की।
सईद ने दावा किया कि उसने और उसके सहयोगियों ने जिहाद के लिए धार्मिक शपथ ली है और जब तक उनमें ऐसा करने की क्षमता रहेगी, वे अपना अभियान जारी रखेंगे। उसके बयान को लश्कर-ए-तैयबा की उस चरमपंथी विचारधारा का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें धार्मिक भाषा का इस्तेमाल हिंसा और भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जाता रहा है।
अपने भाषण में सईद ने भारत-पाकिस्तान तनाव को धार्मिक और ऐतिहासिक रंग देने की कोशिश की। उसने भारतीय उपमहाद्वीप में करीब 500 वर्षों तक मुस्लिम शासन का दावा करते हुए मौजूदा परिस्थितियों को मध्यकालीन इतिहास से जोड़ने की कोशिश की।
सईद की ताजा बयानबाजी ऐसे समय सामने आई है जब पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान और लश्कर से जुड़े नेटवर्क के बीच कथित संबंधों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। आतंकवादी संगठन से जुड़े व्यक्ति के सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के सेना प्रमुख की प्रशंसा करने और भारत के खिलाफ ‘जिहाद’ की अपील करने से इन संगठनों के प्रति पाकिस्तान में मौजूद कथित समर्थन को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं।