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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा

Krishna Das Parth

कोकराझार: असम के कोकराझार की विशेष POCSO अदालत ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए शाहिदुल अली को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। विशेष न्यायाधीश नूरजमाल हक ने 11 सितंबर को कोकराझार पुलिस थाने में दर्ज केस नंबर 216/2022 से जुड़े स्पेशल केस नंबर 28/2022 की सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया।

POCSO एक्ट की धाराओं में दोषी करार

अदालत ने शाहिदुल अली को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना वर्ष 2022 की है, जब पीड़िता 10वीं कक्षा में पढ़ती थी। विशेष लोक अभियोजक मंजीत कुमार घोष ने बताया कि घटना के समय आरोपी की उम्र करीब 35 वर्ष थी। अभियोजन के मुताबिक, अली ने 2022 में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा का कथित तौर पर अपहरण किया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

पुलिस थाने में दर्ज हुआ था मामला

घटना के संबंध में कोकराझार पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच और अदालत में चली सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष POCSO अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में कड़ी सजा के तौर पर देखा जा रहा है।

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