सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में ई-कॉमर्स सेवाओं में आई बाधा पर चिंता व्यक्त करते हुए सामाजिक एवं राजनीतिक नेता तथा अंडमान निकोबार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के जिला कांग्रेस अध्यक्ष जॉन रॉबर्ट बाबू ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन और अंडमान निकोबार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस व्यवधान के कारण हजारों स्थानीय युवा बेरोजगार हो गए हैं और द्वीपवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया से बातचीत करते हुए बाबू ने कहा कि पिछले कई दिनों से उनके कार्यालय को प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों द्वारा सेवाएं बंद किए जाने संबंधी बड़ी संख्या में फोन कॉल और ज्ञापन प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस स्थिति ने उन बेरोजगार युवाओं की आजीविका पर गंभीर असर डाला है जो डिलीवरी एजेंट और डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने डिलीवरी सेवाओं के माध्यम से स्वयं रोजगार प्राप्त किया था और अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रहे थे, लेकिन डिलीवरी सेवाएं बंद होने के बाद अचानक उनकी आय का स्रोत समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा, “जब अंडमान एवं निकोबार में बेरोजगारी पहले से ही गंभीर समस्या है और रोजगार के अवसर सीमित हैं, तब कई युवाओं ने डिलीवरी एजेंट के रूप में काम करके आत्मनिर्भरता हासिल की थी। आज वे बिना काम के घर बैठे हैं और परिवार चलाना कठिन हो गया है।”बाबू ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह व्यवधान हवाई किराए में वृद्धि के बाद एयर कार्गो शुल्क बढ़ने और द्वीपों के लिए संचालित कई उड़ानों के बंद होने से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि सीमित उड़ान कनेक्टिविटी के कारण एयरलाइंस आवश्यक कार्गो मात्रा नहीं ले जा पा रही हैं, जिससे ई-कॉमर्स कंपनियों की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले को संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष उठाने और एएनसीसीआई से प्राथमिकता के आधार पर पहल करने का अनुरोध किया ताकि सामान्य सेवाएं जल्द बहाल हो सकें। बाबू ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल तिवारी सहित सत्तारूढ़ दल के नेताओं से भी द्वीपवासियों की आजीविका से जुड़े मुद्दों को समान महत्व देने की अपील की। उन्होंने कहा, “ऐसे कई स्थानीय मुद्दे हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। हजारों युवा इन सेवाओं के बंद होने के कारण असमंजस की स्थिति में हैं। मैं सत्तारूढ़ दल से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने और समाधान की दिशा में काम करने का अनुरोध करता हूं।”उन्होंने कहा कि द्वीपों में कई वस्तुएं स्थानीय बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं, इसलिए बड़ी संख्या में परिवार आवश्यक सामान, पुस्तकें, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य उत्पाद ऑनलाइन खरीदते हैं। इस कारण ई-कॉमर्स सेवाओं में आई बाधा ने केवल डिलीवरी कर्मियों को ही नहीं, बल्कि पूरे द्वीपसमूह के हजारों उपभोक्ताओं को प्रभावित किया है।
अंत में उन्होंने प्रशासन, चैंबर ऑफ कॉमर्स और सभी संबंधित पक्षों से मिलकर इस समस्या का शीघ्र समाधान निकालने की अपील की ताकि ई-कॉमर्स सेवाएं फिर से शुरू हों, स्थानीय रोजगार सुरक्षित रहें और द्वीपवासियों की परेशानियां समाप्त हो सकें।