वारसा : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को पोलैंड के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के साथ व्यापक बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर, रक्षा और ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इसके अलावा यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्ष समेत जटिल वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ। कीव से वारसा पहुंचे जयशंकर ने पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नवारोस्की से भी मुलाकात की। दोनों ने भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी की सकारात्मक प्रगति पर चर्चा की और यूक्रेन संघर्ष तथा पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचार साझा किए। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि बातचीत में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) और जी-20 से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इससे पहले जयशंकर ने सिकोरस्की के साथ भारत-पोलैंड संयुक्त कार्ययोजना 2024-28 की प्रगति की समीक्षा की। इसमें व्यापार एवं निवेश, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक, एआई, सेमीकंडक्टर, रक्षा, शिक्षा, समुद्री परिवहन, खनन एवं ऊर्जा, लोगों के बीच संपर्क, संस्कृति और बहुपक्षीय सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। जयशंकर ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) सहयोग को मजबूत करने में पोलैंड के समर्थन की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होने से दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा।