सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के सांसद बिष्णु पद रे ने 12 सितंबर 2025 और 22 मार्च 2026 को सरकार से किए गए अपने पूर्व अनुरोधों के क्रम में शुक्रवार को लोकसभा में एक महत्वपूर्ण जनकल्याण से जुड़ा मुद्दा उठाया। मुद्दे को रेखांकित करते हुए उन्होंने सरकार का ध्यान अंडमान-निकोबार प्रशासन के अंतर्गत कृषि विभाग, विद्युत विभाग, एपीडब्ल्यूडी सहित लगभग 40 विभागों में डीआरएम और संविदा आधार पर कार्यरत करीब 12,000 कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित नियमितीकरण और समायोजन की मांग की ओर आकर्षित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन कर्मचारियों में से कई पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से विभिन्न विभागों में निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। कुछ मामलों में, जैसे एपीडब्ल्यूडी में कार्यरत कुछ डीआरएम को उनकी दीर्घकालिक सेवाओं और आवश्यक कार्यों को देखते हुए 1/30 वेतन पैटर्न का लाभ भी दिया गया है। उन्होंने सदन को यह भी अवगत कराया कि उच्च न्यायालय ने 19 फरवरी के अपने आदेश में इस संबंध में दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, जिन्हें निर्णय लेते समय ध्यान में रखा जाना चाहिए। इन कर्मचारियों की चिंताओं को सदन के समक्ष रखते हुए सांसद ने प्रधानमंत्री से विनम्र अपील की कि उनके नियमितीकरण एवं सेवा समायोजन की लंबे समय से लंबित मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए। सांसद ने आशा व्यक्त की कि सरकार न्याय और प्रभावित कर्मचारियों के कल्याण के व्यापक हित में इस विषय पर सकारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएगी।