तेहरान : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान की संसद की एक प्रमुख समिति ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव को संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने मंजूरी दी है। प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य के संचालन से जुड़े नए नियमों का प्रावधान किया गया है। इसके तहत जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा रियाल में ट्रांजिट शुल्क देना होगा। समिति के सदस्य मोजतबा जरई ने बताया कि प्रस्ताव में अमेरिका और इजराइल से जुड़े जहाजों के जलडमरूमध्य से गुजरने पर रोक लगाने का प्रावधान भी शामिल है। इसके अलावा उन देशों के जहाजों पर भी पाबंदी लगाने का प्रावधान है, जिन्होंने ईरान के खिलाफ एकतरफा प्रतिबंधों में शामिल होकर उनका समर्थन किया है। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना है।
होर्मुज से गुजरने वाले 45 टैंकर ईरान की ब्लैक लिस्ट में
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के नियमों का उल्लंघन करने वाले 45 तेल टैंकरों को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इन जहाजों के साथ माल का स्थानांतरण करने वाले अन्य जहाजों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण ने रविवार देर रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सूची में शामिल जहाजों पर जुर्माना लगाया जा सकता है, उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है और उनका माल जब्त किया जा सकता है।
हमलावर की शर्तों पर युद्ध खत्म नहीं करेंगे : ईरान
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने विरोधियों की शर्तों पर युद्ध समाप्त करने को तैयार नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने यह युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन इसे हमलावर की शर्तों पर खत्म भी नहीं होने देगा। बघाई ने कहा कि ईरान ने निश्चित रूप से यह युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन हम इसे हमलावर की शर्तों पर समाप्त नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि ईरान का मानना है कि हमलावर को अपने कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख पहुंचे तेहरान, मध्यस्थता की कोशिश
अमेरिका द्वारा ईरान के व्यापारिक साझेदारों को निशाना बनाकर अब तक का ‘‘सबसे बड़ा वित्तीय हमला’’ शुरू करने की तैयारी के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख सोमवार को मध्यस्थता के प्रयास के लिए तेहरान पहुंचे। ईरान ने अमेरिका की इस धमकी को खारिज करते हुए चेतावनी दी कि अगर आर्थिक युद्ध जारी रहा तो वह खाड़ी क्षेत्र से होने वाले सभी तेल निर्यात को बंद कर देगा।