तेहरान : ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर शुरू करने की पहल करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिन में खोलने की पेशकश की है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि इसके लिए अमेरिका को पहले सैन्य दबाव कम करने के कदम उठाने होंगे। अधिकारी के मुताबिक, मध्यस्थों के जरिये यह प्रस्ताव अमेरिका तक पहुंचाया गया है। इसके तहत दोनों देश संघर्ष खत्म करने के लिए दीर्घकालिक समझौते पर बातचीत फिर शुरू करेंगे। ईरान इस सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के प्रयासों में शामिल देशों से भी संपर्क करेगा। हालांकि, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात की संभावना से अधिकारी ने इनकार किया। ईरान चाहता है कि अमेरिका बातचीत पर लौटने और उसके बंदरगाहों की कथित सैन्य नाकेबंदी खत्म करने का आश्वासन दे। इसके बदले वह सात दिन के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और वार्ता बहाल करने को तैयार है। ईरानी अधिकारी के अनुसार, प्रस्ताव को सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की मंजूरी मिल चुकी है। परिषद ने 16 अगस्त को तय किया था कि निर्धारित अवधि में अमेरिका द्वारा बंदरगाहों की नाकेबंदी नहीं हटाने पर ईरान अमेरिकी ठिकानों पर फिर हमला कर सकता है। यह टकराव फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद शुरू हुआ था।
सऊदी अरब पर बढ़ा दबाव
इधर, ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष के बीच सऊदी अरब पर दबाव बढ़ा है। ईरान समर्थित हूती लड़ाकों की यमन में बढ़त और लाल सागर में सऊदी तेल निर्यात पर खतरे ने स्थिति गंभीर की है। सऊदी अरब ने मंगलवार को ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन का संचालन फिर शुरू कर दिया। यह पाइपलाइन हॉर्मुज से बचकर लाल सागर के रास्ते तेल निर्यात का प्रमुख विकल्प है।