तेहरान : ईरान ने अमेरिका के सामने शर्त रखते हुए कहा है कि यदि वाशिंगटन उसकी मांगें मान लेता है तो वह 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तैयार है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि इस प्रस्ताव पर कतर के मध्यस्थों के साथ बातचीत जारी है। अराघची ने बताया कि कतर ने पहले प्रस्ताव को लागू करने की समयसीमा पांच दिन करने का सुझाव दिया था, लेकिन अब इसे घटाकर दो दिन करने पर सहमति बनी है। ईरान की प्रमुख मांगों में इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के बाद लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध हटाना, पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कम करना, तेल निर्यात पर मिली छूट बहाल करना और कतर समेत विभिन्न देशों में जमा ईरान की जब्त संपत्तियां जारी करना शामिल है। इसके अलावा ईरान ओमान के साथ तय किए गए नए समुद्री मार्ग को मान्यता देने और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने की मांग कर रहा है। इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कतर के माध्यम से ईरान को बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। इसमें परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा भी शामिल है।
ट्रंप का दावा- 10 मिनट में ठिकानों पर हमला संभव
ट्रंप ने रविवार को एक संबोधन में ईरान पर फिर सैन्य हमला किए जाने की संभावना जताई। उन्होंने दावा किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बचे हुए ठिकानों को महज 10 मिनट में निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप ने कहा कि ऐसे एक या दो ठिकाने बाकी हैं, जिनमें पिकैक्स माउंटेन भी शामिल है। अमेरिका के पास इन ठिकानों पर हमले की योजना तैयार है और इसे तेजी से अंजाम दिया जा सकता है। ट्रंप की यह टिप्पणी नेतन्याहू से फोन पर बातचीत के तुरंत बाद आई। इससे पहले उन्होंने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन के साथ भी सैन्य विकल्पों पर चर्चा की थी। इस बीच, पेंटागन ने पश्चिम एशिया में हवाई रक्षा प्रणाली, हथियारों और सैन्य उपकरणों का भंडार बढ़ाया है। साथ ही ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई के खतरे को देखते हुए कुछ सैन्य ठिकानों से अपने सैनिकों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा रहा है।