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Infosys ने 400 फ्रेशर्स को नौकरी से निकाला, छह बजे तक कैंपस खाली करने का‌ दिया आदेश

कर्मचारियों ने टेस्ट की कठिनाई पर उठाए सवाल

Rohit Singh

नई दिल्ली - दिग्गज IT ‌कंपनी इन्फोसिस ने लगभग 400 फ्रेशर्स को नौकरी से निकाल दिया है। इन सभी लोगों की भर्ती अक्टूबर 2024 में हुई थी। इन लोगों को कंपनी के मैसूर कैंपस में शुरुआती ट्रेनिंग दी गई थी। इसके बाद लगातार तीन बार लिए गए इंटरनल टेस्ट में वह पास नहीं हो पाए। आईटी कर्मचारी यूनियन एनआईटीईएस ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के समक्ष इस मामले की आधिकारिक शिकायत दर्ज की है।

छह बजे तक कैंपस खाली करने का आदेश

नौकरी से निकाले गए एक फ्रेशर ने कहा कि, यह सरासर गलत है क्योंकि टेस्‍ट बहुत कठीन थे और हमें फेल करने के लिए ही लिए गए थे। टेस्‍ट का रिजल्ट आने के बाद कई फ्रेशर्स बेहोश हो गए। सूत्रों का कहना है कि कंपनी ने यह सुनिश्चित करने के लिए बांउसर और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया था कि फ्रेशर्स फोन लेकर टेस्ट देने ना जा पाए। इंफोसिस ने अपने बयान में कहा कि बाउंसर नहीं लगाए गए थे। सूत्रों का कहना है कि फ्रेशर्स को शाम छह बजे तक कैंपस खाली करने के लिए कहा गया है।

नैसेंट इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्‍प्लॉयज सीनेट ने कहा कि निकाले गए कर्मचारियों को कुछ महीने पहले ही नियुक्त किया गया था। इन कर्मचारियों को अपने ऑफर लेटर मिलने के बाद पहले ही दो साल का लंबा इंतजार करना पड़ा था। इसके बाद इन लोगों को इस तरह निकालना ‌किसी तरह से सही नहीं है। कंपनी को अपने फैसले के बारे में फिर से सोचना चाहिए।

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