इंदौर स्थित लक्ष्मीबाईनगर रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बड़े बदलाव का दौर अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। अब स्टेशन के संचालन का केंद्र पूरी तरह नए भवन में स्थानांतरित होने जा रहा है, जिसके बाद पुराने भवन को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अगले दो सप्ताह में पुराने स्टेशन भवन को बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद स्टेशन मास्टर का पूरा ऑपरेटिंग सिस्टम और नियंत्रण कक्ष नए दो मंजिला भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। जैसे ही यह तकनीकी स्थानांतरण पूरा होगा, पुराने ढांचे को ध्वस्त करने का काम शुरू हो जाएगा।
नए भवन के लगभग तैयार होने के साथ ही अब यहां से ट्रेनों के संचालन की तैयारी तेज हो गई है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि 15 से 20 जून के बीच पूरा संचालन नए भवन से शुरू कर दिया जाए। इसके बाद यात्रियों को पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्टेशन उपलब्ध होगा। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यहां करीब 55 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास कार्य चल रहा है। परियोजना के तहत कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं...
भागीरथपुरा की ओर दो नए प्लेटफार्म का निर्माण
दो अतिरिक्त रेलवे ट्रैक बिछाने का कार्य
36 फीट चौड़ा फुटओवर ब्रिज
यात्रियों के लिए तीन नई लिफ्ट
लंबी दूरी की 26 कोच वाली ट्रेनों के ठहराव की सुविधा
साथ ही, प्लेटफार्म पर शेड लगाने और अन्य यात्री सुविधाओं का काम भी जारी है।
वर्तमान में लक्ष्मीबाईनगर रेलवे स्टेशन से पांच एक्सप्रेस और आठ लोकल ट्रेनों का संचालन होता है। नए सिस्टम के शुरू होते ही इन ट्रेनों का नियंत्रण पूरी तरह आधुनिक तकनीकी सेटअप से किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही संचालन नए भवन में शिफ्ट होगा, पुराने भवन को हटाकर वहां नया प्लेटफार्म और ट्रैक तैयार किया जाएगा। जुलाई के पहले सप्ताह तक इस क्षेत्र में नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों के अनुसार यह स्टेशन आने वाले समय में सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए एक प्रमुख रेलवे हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा, तेज संचालन और आधुनिक तकनीक आधारित सेवाएं मिलेंगी।