पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक उड़ानें प्रभावित हैं और हजारों यात्री अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं। इसी बीच भारतीय यात्री सुनील गुप्ता ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि वह मॉस्को एयरपोर्ट पर बिना पैसे के फंस गए हैं और उनके पास खाने-पीने तक के लिए रकम नहीं बची।
एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि वह “पूरी तरह अकेले और बेबस” हैं तथा उम्मीद खोते जा रहे हैं। उनका कहना था कि न तो एयरलाइन और न ही ट्रैवल एजेंसी की ओर से उन्हें कोई मदद मिली। उन्होंने मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास से सहायता की अपील भी की।
भारतीय दूतावास ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए आपातकालीन संपर्क नंबर साझा किया और बाद में बताया कि यात्री से संपर्क कर समस्या का समाधान कर लिया गया है।
गुप्ता की मुंबई जाने वाली उड़ान अबू धाबी के रास्ते थी, जिसे बिना पूर्व सूचना के रद्द कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि रूस में वित्तीय प्रतिबंधों के चलते अंतरराष्ट्रीय वीजा और मास्टरकार्ड सेवाएं लगभग काम नहीं कर रहीं, जिससे वह अपने फंड तक पहुंच नहीं पा रहे थे। उन्होंने लिखा कि उनके पास “एक भी रुपया नकद नहीं बचा” और वह परिवार से भी संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
यात्री ने एतिहाद एयरवेज को टैग करते हुए आरोप लगाया कि ग्राउंड स्टाफ ने उन्हें कस्टमर केयर से संपर्क करने को कहा, लेकिन वहां घंटों तक जवाब नहीं मिला। इस पर एतिहाद हेल्प, जो एयरलाइन का आधिकारिक गेस्ट रिलेशंस अकाउंट है, ने जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जा रही है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भारी व्यवधान बना हुआ है।