नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत होते रिश्तों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस संसद में बोलना उनके लिए बेहद सम्मान की बात है और वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं जिन्हें यहां संबोधन का अवसर मिला है।
पीएम मोदी ने कहा कि वह अपने साथ भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से सेशेल्स की जनता और नेतृत्व के लिए शुभकामनाएं लेकर आए हैं। उन्होंने सेशेल्स की प्रगति और उपलब्धियों की सराहना करते हुए देशवासियों को बधाई दी।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2015 के अपने पहले सेशेल्स दौरे को याद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद हिंद महासागर क्षेत्र की उनकी पहली विदेश यात्रा सेशेल्स की ही थी।
उन्होंने कहा कि भारत के हिंद महासागर क्षेत्र को लेकर जो दृष्टिकोण है, उसमें सेशेल्स हमेशा एक विशेष स्थान रखता है। यही कारण था कि उन्होंने अपने शुरुआती विदेशी दौरों में इस देश को प्राथमिकता दी।
पीएम मोदी ने कहा कि करीब एक दशक बाद फिर से सेशेल्स आने पर उनका विश्वास और मजबूत हुआ है कि दोनों देशों के रिश्ते लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स केवल मित्र देश नहीं हैं, बल्कि दोनों के बीच विश्वास, सहयोग और साझेदारी का गहरा रिश्ता है। आने वाले समय में दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।
प्रधानमंत्री ने भारत और सेशेल्स के बीच हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।
मोदी ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की आजादी के 50 वर्ष पूरे होने पर देश की जनता को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर दोनों देशों के लिए खास है और भारत इस यात्रा में सेशेल्स के साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि भारत और सेशेल्स की साझेदारी आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।