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भारत–मलेशिया संबंध नई ऊँचाइयों पर : PM नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया की राजधानी कुआलालमपुर में आयोजित एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत–मलेशिया संबंधों को “प्रभावशाली और भविष्य उन्मुख साझेदारी” बताया।

कुआलालमपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया की राजधानी कुआलालमपुर में आयोजित एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत–मलेशिया संबंधों को “प्रभावशाली और भविष्य उन्मुख साझेदारी” बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु है और लोगों के बीच संपर्क ही द्विपक्षीय मित्रता की आधारशिला है।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हवाई अड्डे पर उनका स्वयं स्वागत करना और कार्यक्रम स्थल तक साथ आना भारत के प्रति उनके स्नेह और सम्मान को दर्शाता है। श्री मोदी ने 800 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए सभी प्रतिभागियों की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मलेशिया में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा भारतीय मूल का समुदाय रहता है और दोनों देशों के लोगों के दिलों को जोड़ने वाली अनेक सांस्कृतिक समानताएँ हैं। उन्होंने साझा खान-पान, भाषा और परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय मूल का समुदाय दोनों देशों के रिश्तों का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि मलेशिया के 500 से अधिक स्कूलों में बच्चों को भारतीय भाषाओं में शिक्षा दी जाती है, जिसका उल्लेख उन्होंने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी किया था।

तमिल समुदाय का विशेष उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिल भाषा और संस्कृति भारत की ओर से विश्व को दिया गया अमूल्य उपहार है। उन्होंने बताया कि तमिल प्रवासी समुदाय कई सदियों से मलेशिया में मौजूद है और विभिन्न क्षेत्रों में समाज की सेवा कर रहा है। इसी ऐतिहासिक विरासत से प्रेरित होकर मलाया विश्वविद्यालय में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना की गई है और अब एक तिरुवल्लुवर केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत–मलेशिया संबंध एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुँच चुके हैं और दोनों देश एक-दूसरे की सफलताओं को साझा कर रहे हैं। उन्होंने चंद्रयान-3 की सफलता पर मलेशिया द्वारा दी गई शुभकामनाओं को याद करते हुए कहा कि “भारत की सफलता मलेशिया और एशिया की सफलता है।”

आर्थिक सहयोग पर बोलते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारत आज निवेश और व्यापार का विश्वसनीय केंद्र बन चुका है। उन्होंने भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति, डिजिटल क्रांति, यूपीआई के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने घोषणा की कि भारत की यूपीआई प्रणाली जल्द ही मलेशिया में भी शुरू होगी।

प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से भारत आने और ‘अतुल्य भारत’ का अनुभव करने का आह्वान किया तथा कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में प्रवासी समुदाय की अहम भूमिका होगी।

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