गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि कूच बिहार स्थित ऐतिहासिक मधुपुर सत्र के संरक्षण और सुरक्षा के लिए असम और पश्चिम बंगाल सरकारों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि असम सरकार इस ऐतिहासिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल की सुरक्षा के लिए पश्चिम बंगाल सरकार से सहयोग मांगेगी। गुवाहाटी में ‘जुबीन दिवस’ के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुपुर सत्र महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसलिए इसके संरक्षण को केवल किसी एक राज्य की जिम्मेदारी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि दोनों राज्यों को मिलकर इसके विकास और सुरक्षा के लिए प्रयास करना चाहिए।
जमीन देने का पश्चिम बंगाल से करेंगे अनुरोध
हिमंत शर्मा ने कहा कि असम सरकार पश्चिम बंगाल सरकार से मधुपुर सत्र के आसपास विकास कार्यों के लिए जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध करेगी। उन्होंने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल सरकार आवश्यक जमीन उपलब्ध कराती है तो असम सरकार इस स्थल को एक बड़े प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अतिरिक्त जमीन उपलब्ध नहीं हो पाती है, तब भी मौजूदा जमीन के भीतर ही मधुपुर सत्र के संरक्षण और विकास के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर ऐतिहासिक स्थल को सुरक्षित रखने और विकसित करने की योजना बनाई जाएगी।
बत्रादवा थान की तर्ज पर संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने असम के नागांव जिले में स्थित बत्रादवा थान का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान के संरक्षण और विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, उसी तरह मधुपुर सत्र को भी संरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मधुपुर सत्र केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह असम की वैष्णव संस्कृति और श्रीमंत शंकरदेव की विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल भी है। इसके संरक्षण से आने वाली पीढ़ियों को इस विरासत से परिचित कराने में मदद मिलेगी।
शंकरदेव की विरासत को संरक्षित करने का लक्ष्य
हिमंत शर्मा ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि मधुपुर सत्र को बेहतर तरीके से विकसित और संरक्षित करने से धार्मिक पर्यटन तथा सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस दिशा में असम सरकार पश्चिम बंगाल सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर आगे की संभावनाओं पर काम करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों राज्य ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण के लिए सहयोग कर सकेंगे। इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री ने गायक जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर गुवाहाटी के बशिष्ठा स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। जुबीन की स्मृति में असम भाजपा की ओर से राज्यभर में रक्तदान शिविर आयोजित किए गए।