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सरमा का कांग्रेस उम्मीदवार पर हमला, बोले- बटाद्रवा का मुद्दा क्यों नहीं उठाया

बिना पैसे नौकरी-मेडिकल सीट मिलने पर कांग्रेस से सवाल कर रही जनता

Krishna Das Parth

मोरीगांव : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को मोरीगांव में नागांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब राज्य की जनता सवाल कर रही है कि कांग्रेस के शासनकाल में कथित तौर पर पैसे दिए बिना सरकारी नौकरी और मेडिकल कॉलेज में सीट क्यों नहीं मिलती थी। सरमा ने कांग्रेस उम्मीदवार सिबामोनी बोरा के राजनीतिक कार्यकाल और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए। चुनावी सभा से इतर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का राजनीतिक माहौल बदल गया है। उन्होंने कहा, “आज जनता यह सवाल पूछ रही है कि अगर हिमंत बिस्वा सरमा के समय में बिना पैसे दिए नौकरियां मिल सकती हैं, तो कांग्रेस के सत्ता में रहते ऐसा क्यों नहीं हो सकता था?” उन्होंने इसी तरह मेडिकल कॉलेज में प्रवेश को लेकर भी सवाल उठाया।

बोरा के कार्यकाल पर साधा निशाना

सभा में सरमा ने कांग्रेस उम्मीदवार सिबामोनी बोरा को लेकर भी टिप्पणी की और बटाद्रवा की पूर्व विधायक के रूप में उनके कार्यकाल पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच साल तक बटाद्रवा का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद बोरा ने असम विधानसभा में बटाद्रवा थान से जुड़े मुद्दे को नहीं उठाया। सरमा ने बोरा के लिए “खामोश दुल्हन” शब्द का इस्तेमाल किया। नागांव उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा को उम्मीदवार बनाया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी।

रकीबुल हुसैन पर भी हमला

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन पर भी निशाना साधा। उन्होंने समागुरी में हुसैन के चुनाव प्रचार का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उनका वहां जाना हुसैन के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, तो वह उन्हें दो-तीन बार और उस क्षेत्र में आने के लिए कहेंगे। सरमा ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान विपक्षी नेताओं को मिल रही प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले जहां विपक्षी नेताओं का प्रभाव दिखाई देता था, वहीं अब स्थिति बदल गई है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेता जिन इलाकों में जा रहे हैं, वहां उन्हें विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस का जनाधार खोने का दावा

रैली को संबोधित करते हुए सरमा ने दावा किया कि कांग्रेस असम में अपना जनाधार खो चुकी है और “पूरी तरह कमजोर” हो गई है। उन्होंने कहा कि इस उपचुनाव में भाजपा की ओर से विकास के मुद्दों को प्रमुखता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल पर भी टिप्पणी की और उन्हें चुनावी राजनीति से हटकर हज यात्रा पर जाने की सलाह दी।

6 अक्टूबर को होगा मतदान

नागांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव पूर्व कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद हो रहा है। बोरदोलोई ने असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा और बाद में दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीता। उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व आईएएस अधिकारी देवाशीष शर्मा को, कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा को और एआईयूडीएफ ने बदरुद्दीन अजमल को उम्मीदवार बनाया है। निर्वाचन आयोग की अंतिम सूची में नागांव सीट से कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ भाजपा, कांग्रेस और एआईयूडीएफ के बीच प्रचार अभियान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री सरमा भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा के समर्थन में लगातार सभाएं कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस की ओर से भी बोरा के पक्ष में प्रचार तेज किया गया है।


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