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हार्टफुलनेस ने विश्व ध्यान दिवस पर रचा इतिहास, बना नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

दाजी के मार्गदर्शन में 175 देशों के 2 करोड़ लोगों ने एक साथ किया ध्यान

सन्मार्ग संवाददाता

हैदराबाद /कोलकाता : हार्टफुलनेस ने विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए यूट्यूब पर निर्देशित ध्यान (Guided Meditation) के सबसे अधिक दर्शकों का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। यह ध्यान सत्र हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक एवं श्री राम चंद्र मिशन के अध्यक्ष परम पूज्य दाजी द्वारा संचालित किया गया, जो सामूहिक ध्यान और वैश्विक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क्षण बन गया।

इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग ध्यान सत्र ने हार्टफुलनेस द्वारा आयोजित विश्व ध्यान दिवस समारोहों का केंद्र बिंदु बनाया। अनुमानित रूप से 175 देशों के 2 करोड़ लोगों ने विभिन्न समयों पर व्यक्तिगत सभाओं, संस्थागत सत्रों और ऑनलाइन माध्यमों से इसमें भाग लिया। इतनी व्यापक भौगोलिक भागीदारी के साथ यह पहली बार दर्ज की गई एक अभूतपूर्व वैश्विक सहभागिता रही।

विश्व के सबसे बड़े ध्यान केंद्र कान्हा शांति वनम में आयोजित प्रातःकालीन ध्यान सत्र में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, तेलंगाना के माननीय राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, तथा तेलंगाना के माननीय आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनकी सहभागिता ने इस आयोजन को राष्ट्रीय महत्व प्रदान किया और यह दर्शाया कि ध्यान अब सार्वजनिक जीवन में कल्याण और सामाजिक सद्भाव के एक व्यावहारिक साधन के रूप में स्थापित हो रहा है।

भारत भर में विश्व ध्यान दिवस पर संस्थागत भागीदारी अत्यंत प्रभावशाली रही। मध्य प्रदेश में 2,500 से अधिक पुलिस थानों में ध्यान केंद्र आयोजित किए गए, जिनमें 50,000 से अधिक पुलिस कर्मियों ने एक साथ निर्देशित ध्यान में भाग लिया। इसके अतिरिक्त, देशभर के शहरों, स्थानीय निकायों, स्कूलों, कॉलेजों और निजी कंपनियों में भी ध्यान सत्र आयोजित किए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ध्यान सार्वजनिक जीवन और कार्यस्थलों में व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है। कम से कम 200 दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों तथा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) ने भी इस निर्देशित ध्यान में भाग लिया।

हार्टफुलनेस के वैश्विक नेटवर्क ने इस अभूतपूर्व आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। 16,000 से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवकों के सहयोग से 280 आश्रमों और 6,000 से अधिक हार्टफुलनेस केंद्रों में ध्यान सत्र आयोजित किए गए, जिससे महाद्वीपों के पार समन्वय संभव हो सका। पहली बार, 175 देशों से 2 करोड़ लोगों की भागीदारी दर्ज की गई, जिसने इस शांति पहल के वैश्विक स्वरूप को रेखांकित किया।

इस आयोजन को व्यापक मीडिया कवरेज भी प्राप्त हुआ। 100 से अधिक टेलीविजन चैनलों ने प्रातःकालीन ध्यान और संबंधित कार्यक्रमों का प्रसारण किया, जिससे आंतरिक शांति और सामूहिक चेतना का संदेश देशभर के दर्शकों तक पहुँचा। दाजी द्वारा संचालित इस ध्यान में प्रणाहुति (योगिक ट्रांसमिशन) को शामिल किया गया, जो हार्टफुलनेस अभ्यास का एक मूल तत्व है। यह ट्रांसमिशन शांति, स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन की ओर स्वाभाविक परिवर्तन में सहायक है। लालाजी महाराज और बाबूजी महाराज की शिक्षाओं में निहित हार्टफुलनेस, दाजी के मार्गदर्शन में एक वैश्विक आंदोलन के रूप में निरंतर विकसित हो रहा है और विभिन्न संस्कृतियों व विश्वास प्रणालियों के लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है।

हार्टफुलनेस इस समझ पर आधारित है कि मानव जीवन का एक बड़ा हिस्सा आंतरिक अवस्थाओं और सूक्ष्म प्रेरणाओं से संचालित होता है। हृदय पर ध्यान केंद्रित करने की इस सरल लेकिन गहन प्रक्रिया के माध्यम से व्यक्ति संतुलन, जागरूकता और उद्देश्य के साथ दैनिक जीवन को जीने का मार्ग पाता है।

हार्टफुलनेस के बारे में

हार्टफुलनेस शांति, स्पष्टता, करुणा, साहस और संतोष विकसित करने के लिए सरल ध्यान अभ्यास और जीवनशैली उपकरण प्रदान करता है। 1945 में श्री राम चंद्र मिशन की स्थापना के साथ औपचारिक रूप से आरंभ हुआ हार्टफुलनेस आज 160 से अधिक देशों में सक्रिय है, जिसे हजारों प्रमाणित स्वयंसेवी प्रशिक्षकों का समर्थन प्राप्त है। हैदराबाद के निकट कान्हा शांति वनम स्थित मुख्यालय से संचालित हार्टफुलनेस, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए ध्यान को सुलभ बनाते हुए विश्वभर में विभिन्न संस्कृतियों और समुदायों तक पहुँच बना रहा है।

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