सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : ग्राम पंचायत हरिनगर के प्रधान मनोजीत हलदार ने 12 मई 2026 को अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के मुख्य सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार, आईएएस से मुलाकात कर पंचायत से लगातार स्थायी कर्मचारियों के स्थानांतरण और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। बैठक के दौरान प्रधान ने मुख्य सचिव को बताया कि ग्राम पंचायत हरिनगर में नियुक्त सभी स्थायी कर्मचारियों का एक-एक कर स्थानांतरण कर दिया गया है, जिसके कारण पंचायत कार्यालय पूरी तरह नियमित कर्मचारियों से विहीन हो गया है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले पंचायत में कार्यरत ग्राम स्तरीय कार्यकर्ता (वीएलडब्ल्यू) का स्थानांतरण किया गया। इसके बाद मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) को वास्तविक चिकित्सीय आधार पर कार्यमुक्त कर दिया गया। इसके पश्चात पंचायत सचिव, जो पूरे पंचायत कार्यालय के प्रभारी होते हैं, उनका भी बिना किसी वैकल्पिक नियुक्ति के स्थानांतरण कर दिया गया। पंचायत में नियुक्त ट्रैक्टर चालक का भी बाद में स्थानांतरण कर दिया गया। मनोजीत हलदार ने बताया कि उन्होंने पूर्व में भी इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष उठाया था। विशेष रूप से उन्होंने पंचायत सचिव का नाम प्रारूप स्थानांतरण सूची में शामिल होने पर बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए स्थानांतरण नहीं करने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद बिना किसी प्रतिस्थापन अधिकारी की नियुक्ति किए पंचायत सचिव का स्थानांतरण कर दिया गया। वर्तमान स्थिति में ग्राम पंचायत हरिनगर में एक भी स्थायी कर्मचारी कार्यरत नहीं है। प्रधान ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि पंचायत स्तर पर बुनियादी प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित रखने के लिए पंचायत सचिव को तब तक कार्यमुक्त नहीं किया जाए, जब तक उनके स्थान पर किसी अन्य अधिकारी की नियुक्ति नहीं कर दी जाती। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिलीग्राउंड में कार्यरत डॉ. ममता के प्रस्तावित स्थानांतरण का मुद्दा भी मुख्य सचिव के समक्ष उठाया। प्रधान ने कहा कि डॉ. ममता का नाम भी प्रारूप स्थानांतरण सूची में शामिल किया गया है, जबकि उनके स्थान पर किसी अन्य चिकित्सक की नियुक्ति की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि यदि डॉ. ममता का स्थानांतरण किया जाता है, तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिलीग्राउंड में वैकल्पिक चिकित्सक की तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। प्रधान ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिलीग्राउंड में चिकित्सकों के आवासीय क्वार्टरों की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान क्वार्टर वर्ष 1971-72 में निर्मित किए गए थे और अब उनकी स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। उचित आवासीय सुविधाओं के अभाव में वहां तैनात चिकित्सकों को असुरक्षित एवं पुराने भवनों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चिकित्सकों के लिए चार दो-मंजिला आवासीय क्वार्टरों के निर्माण की मांग भी रखी। बताया गया है कि मुख्य सचिव ने प्रधान द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना तथा आश्वासन दिया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक और उचित कदम उठाए जाएंगे।