काहिरा : गाजा में जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। हमास के अधिकारियों ने शुक्रवार को दावा किया कि संगठन ने हथियार छोड़ने (निरस्त्रीकरण) के लिए एक समझौते पर सहमति जताई है। हालांकि, इस समझौते को लागू करना आसान नहीं होगा और इसके रास्ते में कई बड़ी चुनौतियां हैं। हमास के एक अधिकारी और क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार, संगठन ने एक रोडमैप पर सहमति दी है, लेकिन इसके लिए इजरायल को भी कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे। इनमें युद्ध समाप्त करना और गाजा पट्टी से अपनी सेना वापस बुलाना शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे कुछ घंटे पहले इस समझौते की घोषणा करते हुए दावा किया कि गाजा में युद्ध समाप्त करने की दिशा में एक समझौता हुआ है, जिसके तहत हमास अपने हथियार छोड़ने और इजरायल अपनी सेना वापस बुलाने पर सहमत हुआ है। हालांकि, इस समझौते को लागू करने में अभी कई बड़ी चुनौतियां, शर्तें और लंबी प्रक्रिया बाकी है। वहीं इजरायल की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। व्हाइट हाउस की यह घोषणा अमेरिका की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम समझौते के करीब नौ महीने बाद आई है। गाजा युद्धविराम के दूसरे चरण को लागू करने को लेकर इजरायल और हमास के बीच बातचीत लंबे समय से रुकी हुई थी। इसमें हमास का निरस्त्रीकरण और गाजा के पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे सबसे बड़ी बाधा बने हुए थे।
यह समझौता अमेरिका की मध्यस्थता से तैयार की गई 20 सूत्रीय युद्धविराम योजना का हिस्सा है। इस योजना में हमास से अपने हथियार सौंपने और सुरंगों के विशाल नेटवर्क को नष्ट करने की बात कही गई है।