वाशिंगटन : हैकरों ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के एक डेटाबेस से करीब 30 लाख सैन्यकर्मियों का डेटा चुरा लिया। पेंटागन ने बताया कि डिफेंस मैनपावर डेटा सेंटर (डीएमडीसी) से 27.6 लाख जीवित लोगों, जिनमें सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मी शामिल हैं, तथा करीब 2.94 लाख मृत सैन्यकर्मियों के रिकॉर्ड चोरी हुए हैं। मंत्रालय ने माना कि डेटा एन्क्रिप्टेड नहीं था। चोरी हुए डेटा में सोशल सिक्योरिटी नंबर और सैन्यकर्मियों की पेशेवर विशेषज्ञता से जुड़ी जानकारी शामिल है। अन्य डेटाबेस के साथ मिलाकर इसका इस्तेमाल रूस और चीन जैसे देश सैन्यकर्मियों की भूमिका और स्थान का पता लगाने में कर सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इससे खुफिया एजेंसियों को सैन्यकर्मियों को निशाना बनाने या उन्हें दबाव में लाने में मदद मिल सकती है। पेंटागन ने जुलाई में सेंध का पता लगाकर सुरक्षा खामी दूर कर दी थी। जांच में पता चला कि हैकर कम से कम अक्टूबर 2025 से डेटाबेस तक पहुंच बना रहे थे। हालांकि, अब तक किसी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और पेंटागन ने चोरी हुए डेटा के दुरुपयोग के संकेत मिलने से इनकार किया है।